Wrestlers Protest: देश के कई टॉप पहलवानों की तरफ से रेसलिंग फेडरेशन के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच WFI ने एक निगरानी समिति (oversight committee) बनाई है। इस समिति की नेतृत्व बॉक्सर मेरी कॉम (Mary Kom) करेंगी। ये समिति रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) डे टू डे कामकाज की देखभाल के लिए बनाई गई है। WFI अब अपने रोज के कामकाज को नहीं देखेगा।
मेरी कॉम के अलावा इस पैनल में पहलवान योगेश्वर दत्त, बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरीगुंडे और कप्तान राजगोपालन को भी शामिल किया गया है।
WFI और उसके प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पिछले हफ्ते शीर्ष भारतीय पहलवानों की तरफ से सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने और जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के बाद सुर्खियों में हैं। केंद्र सरकार ने रविवार को एक निगरानी समिति बनाने तक WFI के सभी कामकाज को निलंबित करने का फैसला किया था।
इस फैसले के साथ ही रैंकिंग प्रतियोगिता और किसी भी चल रही एक्टिविटी के लिए प्रतिभागियों से ली गई एंट्री फीस वापस करने का भी ऐलान किया गया था।
इस घोषणा के बाद सरकार ने ओवरसाइट कमेटी बनाने का फैसला किया था, जो डब्ल्यूएफआई की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को संभालेगी।
इसके अलावा WFI कि सहायक सचिव विनोद तोमर को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
पहलवानों ने शनिवार को सरकार के आश्वासन के बाद संसद भवन के पास जंतर-मंतर पर अपना धरना खत्म कर दिया था। केंद्र ने पहलवानों से कहा था कि उनके आरोपों की जांच चार हफ्ते में पूरी कर ली जाएगी।
प्रदर्शन कर रहे पहलवानों में शामिल बजरंग पुनिया ने कहा, "हम अपना विरोध खत्म कर रहे हैं।" युवा पहलवान अंशु मलिक, संगीता फोगाट और सोनम मलिक समेत दूसरे पहलवानों ने पिछले हफ्ते बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था और WFI प्रमुख को बर्खास्त करने की मांग की थी।
पहलवानों ने फेडरेशन के अध्यक्ष पर युवा महिला एथलीटों का यौन और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कुछ दूसरे अधिकारियों के खिलाफ जांच पूरी होने तक उन्हें तत्काल उनके पद से हटाने की मांग की थी।