भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख और BJP सांसद बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Sharan Sing) के खिलाफ 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में दायर दो FIR में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें दो बार पेशेवर मदद के बदले यौन संबंध बनाने की मांग, यौन उत्पीड़न की कम से कम 15 घटनाएं, जिनमें करीब 10 बार गलत तरीके से छूने, छेड़छाड़ जैसे छाथी पर हाथ फेरना, नाभि को छूना और पीछा करने समेत डराने-धमकाने के कई मामले शामिल हैं।
Indian Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों FIR में IPC की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) का हवाला दिया गया है, जिसमें एक से तीन साल तक जेल की सजा हो सकती है।
पहली FIR में छह वयस्क पहलवानों के आरोप शामिल हैं और इसमें WFI सचिव विनोद तोमर का भी नाम है। दूसरी FIR एक नाबालिग के पिता की शिकायत पर आधारित है और इसमें POCSO अधिनियम की धारा 10 भी लगाई गई है, जिसमें पांच से सात साल की कैद होती है। इन FIR में जिन घटनाओं का जिक्र किया गया है, वे कथित तौर पर 2012 से 2022 के बीच भारत और विदेशों में हुईं।
पिता की तरफ से दायर नाबालिग की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसकी बेटी "पूरी तरह से परेशान थी और अब शांति से नहीं रह सकती ... आरोपी (सिंह) ने यौन उत्पीड़न से उसे लगातार परेशान किया।"
किस पहलवान ने लगाए क्या आरोप?
छह वयस्क पहलवानों से जुड़ी FIR में सिंह के गलत व्यवहार को लेकर गई तरह के आरोप लगाए गए हैं।