बैंकों और बॉन्ड्स के निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। किसी दिवालिया कंपनी के मामले का निपटारा होने पर उसे कर्ज देने वाले बैंकों और बॉन्ड्स के निवेशकों को अब कम पैसे मिलेंगे। दरअसल, सरकार इनसॉल्वेंसी के नियमों (Insolvency Law) में बदलाव करने जा रही है। इसके लागू होने के बाद किसी दिवालिया कंपनी के मामले का निपटारा होने पर पेमेंट के मामले में वेंडर्स और सरकार को प्राथमिकता मिलेगी। इसका मतलब है कि अगर कंपनी पर वेंडर्स या सरकार का पैसा बकाया होगा तो पहले उन्हें पेमेंट मिलेगा। रिस्ट्रक्चरिंग और इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल्स ने यह जानकारी दी।
