Uttarkashi Tunnel Rescue: 16 दिनों बाद उत्तरकाशी सुरंग से बाहर निकाले गए सभी 41 मजदूर, फूल माला पहना कर हुआ स्वागत

Uttarkashi Tunnel Rescue: मंगलवार दोपहर को ड्रिलिंग का काम पूरा किया गया। बचावकर्मियों ने मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रैट-होल ड्रिलिंग (Rat Hole Drilling) तकनीक का इस्तेमाल किया। ड्रिलिंग का काम पूरा होने के बाद कई एम्बुलेंस सिलक्यारा सुरंग के अंदर पहुंचीं। NDRF, SDRF और कई दूसरे एजेंसियां ​​मौके पर मौजूद हैं

अपडेटेड Nov 28, 2023 पर 10:15 PM
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Uttarkashi Tunnel Rescue: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा सुरंग के अंदर से बचाए गए श्रमिकों से मुलाकात की

Uttarkashi Tunnel Rescue: आखिरकार 17वें दिन उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल (Silkyara Tunnel) में फंसे सभी 41 मजदूरों का सही सलामत बाहर निकाला गया। बचाए गए मजदूरों को गर्म कपड़े दिए और फर्स्ट एड मेडिकल चेकअप किया गया है। सुरंग में फंसे मजदूरों का स्वागत खुद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami), केंद्रीय मंत्री वीके सिंह (VK Singh) और दूसरे अधिकारियों ने फूल माला पहना कर किया।

सभी 41 मजदूरों (Trapped Workers) को कड़ी मश्क्कत और कई तरह की मुश्किलों को पार करते हुए बाहर निकाला जा रहा है। फंसे हुए मजदूरों को बचाने के बाद, उन्हें तुरंत मेडिलक केयर के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। श्रमिकों के लिए सिलक्यारा से लगभग 30 Km दूर चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड वाला एक अलग वार्ड तैयार किया गया है।


मजदूरों के निकलने से पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया, "सिलक्यारा टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है, मलबे के पार पाइप डालने का काम किया जा चुका है। अब मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी शुरू कर दी गई है।"

मंगलवार शाम को ड्रिलिंग का काम पूरा किया गया। बचावकर्मियों ने मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रैट-होल ड्रिलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। ड्रिलिंग का काम पूरा होने के बाद कई एम्बुलेंस सिलक्यारा सुरंग के अंदर पहुंचीं। NDRF, SDRF और कई दूसरे एजेंसियां ​​मौके पर मौजूद हैं।

रेक्स्यूर्स की एक कुशल टीम ने सोमवार को रैट-होल माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल करके हाथ से गंदगी को हटाना शुरू कर दिया था, जबकि 800 mm डायमीटर वाले पाइपों को एक ऑगर मशीन मलबे के जरिए धकेल रही है।

'NDRF के जवान बड़े थे, पाइप छोटे, मैंने अंदर जाने का फैसला किया' वो बचावकर्मी जिसने उत्तरकाशी सुरंग ऑपरेशन के लिए साफ किया रास्ता

मजूदरों को बाहर निकाले जाने से ठीक पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) भी खुद रेस्क्यू साइट पर पुहंचे।

उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "बाबा बौख नाग जी की असीम कृपा, करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही सभी श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा।"

सुरंग में मलबे के अंदर 60 मीटर तक ड्रिलिंग का काम पूरा कर लिया गया था। उत्तराखंड सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्रिलिंग पूरी हो गई है।

इससे पहले मीडिया के सवाल पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर महमूद अहमद ने तत्काल इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की थी, लेकिन कहा कि बचाव पाइप के अंतिम हिस्से को ड्रिल किए गए रास्ते से डाला जा रहा है।

सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिससे 41 मजदूर इसके अंदर फंस गए थे।

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