Wrestlers Protest: जहां एक तरफ केंद्र सरकार रविवार को नई दिल्ली में नए संसद भवन (New Parliament Building) के भव्य उद्घाटन की तैयारी में जुटी, तो वहीं हरियाणा (Haryana) में अलग-अलग समूह - किसान संघों (Farmer Union) से लेकर खाप पंचायतों (Khap Panchayat) तक - महापंचायत करने के लिए उसी दिन संसद भवन के बाहर जुटने की योजना बना रहे हैं। इसमें उनके राज्य के पहलवान (Wrestlers) होंगे, जो 23 अप्रैल से राजधानी में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन (Jantar Mantar Protest) कर रहे हैं और BJP सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
Indian Express के मुताबिक, हरियाणा में जींद-नरवाना नेशनल हाइवे पर खटकड़ टोल प्लाजा पर गुरुवार को किसान पंचायत बुलाई गई। इस कार्यक्रम में, जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने बजरंग पुनिया और विनेश फोगट समेत किसान संघों के नेताओं और कई विरोध करने वाले पहलवानों के साथ मंच साझा किया।
ओलंपिक पदक विजेता पुनिया और एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल विजेता फोगट दोनों रविवार को होने वाली महापंचायत के लिए समर्थन मांगने के लिए हरियाणा और पड़ोसी राज्यों के दौरे कर रहे हैं।
कार्यक्रम में फोगट ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई न होने की आलोचना करते हुए कहा, “जब हमने अपने देश के लिए मेडल जीते, तो हमें महसूस कराया गया कि इस देश में बेटियों को बहुत सम्मान मिलता है। लेकिन आज वही बेटियां इंसाफ के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं और किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। ये हमारे तिरंगे के सम्मान की लड़ाई है। 28 मई को संसद भवन के बाहर महापंचायत होगी।"
उन्होंने कहा, “हम इस देश के सभी युवाओं और महिलाओं से अपील करते हैं कि वे नई दिल्ली पहुंचें और इस महापंचायत में हिस्सा लें। हम बृजभूषण जैसे ऐसे सभी लोगों को बाहर कर देंगे, जो न केवल कुश्ती में, बल्कि कई दूसरे खेल संघों में भी प्रमुख पदों पर काबिज हैं।"
गांव-गांव क्यों जा रहे CM खट्टर?
उधर लोगों के मन में असंतोष को भांपते हुए, खासतौर से ग्रामीण इलाकों में, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल से पूरे राज्य में "जन संवाद" कार्यक्रम करना शुरू कर दिया है। वह हर एक जिले में तीन दिन बिता रहे हैं और खासतौर से ग्रामीण मतदाताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं।
अब तक, खट्टर ने भिवानी, पलवल, कुरुक्षेत्र और सिरसा के चार जिलों को कवर किया है। महेंद्रगढ़ जिले में उनका जनसंवाद कार्यक्रम शुक्रवार को खत्म होने वाला है और अब तक CM 55 से ज्यादा गांवों को कवर कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने मौके पर नागरिक समस्याओं को दूर करने और फसलों की समय पर खरीद सुनिश्चित करने और फसल के नुकसान के लिए बकाया राशि का भुगतान करने पर जोर दिया है।
खट्टर के लिए समस्या यह है कि पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को न केवल विपक्ष का सपोर्ट है, बल्कि कई खाप और किसान संगठनों का समर्थन भी हासिल है। इतना ही नहीं उनकी पार्टी और सहयोगी जननायक जनता पार्टी (JJP) के कुछ नेताओं ने भी प्रदर्शनकार कर रहे पहलवानों को समर्थन दिया है।
समर्थन करने वाले BJP नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, उनके बेटे और हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह और रानिया से निर्दलीय विधायक हरियाणा के ऊर्जा मंत्री रंजीत सिंह शामिल हैं। जबकि उपमुख्यमंत्री और JJP नेता दुष्यंत चौटाला ने बृजभूषण के खिलाफ FIR के आधार पर "कड़ी से कड़ी कार्रवाई" की मांग की है।
जहां खट्टर ने ये कहकर ध्यान भटकाने की कोशिश की है कि ये मुद्दा हरियाणा से जुड़ा नहीं है, वहीं पहलवानों का विरोध अभी भी पार्टी को जमीन पर नुकसान पहुंचा सकता है। रविवार को होने वाली महापंचायत को हरियाणा BJP की तरफ से बहुत ही उत्सुकता से देखा जाएगा, जो चुनावी अखाड़े में लंबे और कड़े मुकाबले की जमीन तैयार कर सकता है।