Aeroflex Industries IPO : एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिया है। कंपनी का इरादा इस आईपीओ के ज़रिए 350 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस आईपीओ के तहत 160 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 190 करोड़ रुपये तक के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।
OFS के हिस्से के रूप में Sat इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा 1.23 करोड़ शेयर और Italica Global FZC द्वारा 52 लाख शेयरों की बिक्री की जाएगी। कंपनी में Sat इंडस्ट्रीज की 92.18 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि Italica Global FZC की 6.52 फीसदी हिस्सेदारी है।
आईपीओ के तहत मिलने वाली राशि में से 35 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान में किया जाएगा। इसके अलावा, 84 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट्स की फंडिंग में खर्च कए जाएंगे। पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू की एकमात्र लीड मैनेजर है।
एयरोफ्लेक्स इको-फ्रेंडली मैटेलिक फ्लेक्सिबल फ्लो सॉल्यूशन प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है और सप्लाई भी करती है। कंपनी का बिजनेस घरेलू के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फैला हुआ है। इसके प्रोडक्ट्स को अमेरिका और यूरोप सहित 80 से अधिक देशों में निर्यात किया जाता है। एयरोफ्लेक्स अपने प्रोडक्ट्स के लिए 1,700 से अधिक स्टॉक कीपिंग यूनिट्स (SKU) की एक बड़ी रेंज प्रदान करता है।
कंपनी ने हाल ही में ब्रॉन्ज प्रोडक्ट्स डेवलप किए हैं और अभी 55 से अधिक प्रोडक्ट्स तैयार किए जाने हैं। एरोफ्लेक्स Sat इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी है जो BSE और NSE में भी लिस्टेड है। Aeroflex और Sat इंडस्ट्रीज दोनों कंपनियां अपने निवेशकों को डिविडेंड देती रही हैं।
FY22 में कंपनी ने एक साल पहले 144.77 करोड़ रुपये के मुकाबले 240.80 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले वर्ष के 6.01 करोड़ रुपये के मुकाबले 27.51 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 4.15 फीसदी से बढ़कर 11.41 फीसदी हो गया। जनवरी 2023 तक इसका शुद्ध ऋण 41.75 करोड़ रुपये था।