ASK Automotive IPO : एएसके ऑटोमोटिव के शेयर आज 15 नवंबर को एक्सपर्ट्स की उम्मीद के मुताबिक 8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। स्टॉक ने NSE पर 303.3 रुपये और BSE पर 304.9 रुपये के भाव पर शुरुआत की, जबकि इश्यू प्राइस 282 रुपये था। मजबूत लिस्टिंग के बाद क्या निवेशकों को प्रॉफिट बुक करना चाहिए? या अधिक मुनाफे के लिए इसे और होल्ड किया जा सकता है? दरअसल, कई एनालिस्ट्स अब आईपीओ निवेशकों को स्टॉक में बने रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि अच्छे वित्तीय प्रदर्शन और टू-व्हीलर ब्रेक शू और एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) सेगमेंट में कंपनी का दबदबा है। ऐसे में निवेशक स्टॉक को होल्ड कर सकते हैं।
ASK Automotive का आईपीओ 7 नवंबर को खुला और 9 नवंबर को बंद हुआ। कंपनी ने इसके लिए 268-282 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। कंपनी ने पब्लिक इश्यू से 834 करोड़ रुपये जुटाए। यह ऑफर पूरी तरह से 2.95 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) था। ऐसे में पूरी आय बिक्री करने वाले शेयरधारकों के पास जाएगी और कंपनी को ऑफर से कोई पैसा नहीं मिलेगा।
ASK Automotive का देश के सभी टॉप टू-व्हीलर मैन्युफैक्चरर्स के साथ मजबूत संबंध है। इसके पास एक मजबूत प्रोडक्शन मॉडल और एक टेक्नोलॉजी और इनोवेटिव बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड की वेल्थ हेड शिवानी न्याति के अनुसार वित्तीय रूप से कंपनी ने अपनी टॉपलाइन में मजबूत ग्रोथ दिखाई है। वहीं, इसकी प्रॉफिटेबिलिटी भी अच्छी रही है।
शिवानी न्याति ने कहा, “लिस्टिंग प्रीमियम के लिए पब्लिक इश्यू के लिए अप्लाई करने वाले निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपना स्टॉप-लॉस 290 रुपये पर बनाए रखें और शेयरों में तेजी के लिए इंतजार करें। जिन्होंने मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए निवेश किया है, वे भी बताए गए स्टॉप लॉस के साथ स्टॉक को होल्ड कर सकते हैं।"
रिसर्च एनालिस्ट और मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांत तापसे का मानना है कि लिस्टिंग के बाद शेयरों की अच्छी डिमांड होगी क्योंकि आईपीओ को सभी तरह के निवेशकों, खासकर QIB से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी।
51.14 गुना सब्सक्राइब हुआ था इश्यू
इस ऑफर को निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली और इश्यू को 51.14 गुना सब्सक्राइब किया गया। इसे 2.06 करोड़ शेयरों के इश्यू साइज के मुकाबले 105.85 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। खुदरा निवेशकों ने उनके लिए तय हिस्से से 5.7 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने 35.47 गुना बोली लगाई। QIB ने अपने तय कोटे से 142.41 गुना अधिक बोली लगाई।