Avalon Technologies IPO : इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी एवलॉन टेक्नोलॉजीज के आईपीओ में सब्सक्रिप्शन का आज पहला दिना है। इस आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी कम दिख रही है, हालांकि एक्सपर्ट्स इस इश्यू को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं। यह इश्यू 3 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। इसे अब तक 3,68,050 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी है जबकि ऑफर पर 1,14,63,854 शेयर हैं। हालांकि, रिटेल इन्वेस्टर्स ने अब तक सबसे अधिक दिलचस्पी दिखाई है और उनके लिए आरक्षित हिस्सा 16 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका है।
बता दें कि निवेशक इस आईपीओ में 6 अप्रैल तक दांव लगा सकते हैं। यहां हमने बताया है कि इस इश्यू को अलग-अलग कैटेगरी में अब तक कितना सब्सक्रिप्शन मिला है।
अलग-अलग कैटेगरी में क्या है हाल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) - 0 फीसदी
नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) - 1 फीसदी
रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RII) - 15 फीसदी
(BSE, 3 अप्रैल 2023, 5:00:00 PM तक)
इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 415-436 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इसके ज़रिए 865 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। आईपीओ से पहले कंपनी ने 24 एंकर निवेशकों से करीब 389 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। इसके तहत 320 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए गए हैं, जबकि 545 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत हो रही है।
कुल ऑफर साइज में से 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित रखा गया है।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल?
इश्यू से प्राप्त आय का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी फंड का उपयोग होगा। जनवरी में कंपनी को आईपीओ लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिली थी।
इश्यू का लगभग 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और शेष 10 फीसदी रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित किया गया है। निवेशक कम से कम 34 शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं।
एवलॉन टेक्नोलॉजीज की स्थापना साल 1999 में हुई थी। Avalon Tech एक लीडिंग फुल्ली इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनी है। कंपनी घरेलू बाजार के साथ-साथ अमेरिका, चीन, नीदरलैंड और जापान की तमाम कंपनियों को अपने प्रोडक्ट बेचती है। भारत और अमेरिका में कंपनी की 12 प्रोडक्शन यूनिटें हैं।
जेएम फाइनेंशियल, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, IIFL सिक्योरिटीज और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड इस आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर हैं। कंपनी के शेयर 18 अप्रैल को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।