Avalon Technologies IPO : इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी एवलॉन टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को निवेशकों की ठीक-ठाक प्रतिक्रिया मिली है। यह इश्यू ओवरऑल 2.21 गुना सब्सक्राइब हुआ है। अब निवेशकों की निगाहें लिस्टिंग पर है। Avalon Technologies के शेयरों की लिस्टिंग 18 अप्रैल को होने वाली है। इस आईपीओ को सब्सक्रिप्शन खुलने के पहले कुछ दिनों में कमजोर प्रतिक्रिया मिली थी। हालांकि अंतिम दिन इसमें तेजी देखी गई और यह 2.21 गुना सब्सक्राइब हो गया। लेकिन इसके बावजूद रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा पूरा नहीं भर सका। वहीं, ग्रे मार्केट में भी इसका क्रेज लगातार घट रहा है।
यह आईपीओ 3 से 6 अप्रैल तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ के तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के हिस्से को सबसे ज्यादा 3.57 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के हिस्से को 41 फीसदी और रिटेल इन्वेस्टर्स के हिस्से को 84 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस आईपीओ की लिस्टिंग पर निवेशकों को निराश होना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इस आईपीओ को QIB के अलावा अन्य कैटेगरी में कमजोर प्रतिक्रिया मिली है। उनका कहना है कि इस इश्यू का वैल्यूएशन कंपटीटिव इंडस्ट्री के लिहाज से अधिक है और मार्जिन में और गिरावट का डर बना हुआ है। इसके चलते कमजोर लिस्टिंग की आशंका है।
हेम सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आस्था जैन ने कहा, "हमें इस इश्यू के बिना किसी उतार-चढ़ाव के आईपीओ प्राइस पर ही लिस्ट होने की उम्मीद है।"
इसके अलावा, स्टॉक्सबॉक्स के रिसर्च हेड मनीष चौधरी ने भी कहा कि ग्रे मार्केट में समय के साथ प्रीमियम में गिरावट आई है और अब स्टॉक मार्केट में इस आईपीओ की फ्लैट लिस्टिंग हो सकती है। उन्हें लगता है कि क्यूआईबी कैटेगरी के अलावा अन्य निवेशकों की सुस्त प्रतिक्रिया एवलॉन टेक्नोलॉजीज के लिस्टिंग प्रदर्शन पर असर डालेगी।
ग्रे मार्केट में लगातार घट रहा क्रेज
ग्रे मार्केट में इस इश्यू को लेकर क्रेज लगातार घट रहा है। इस समय यह 5 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस लिहाज से कल 441 रुपये के भाव पर शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 1.15 फीसदी का मुनाफा होगा। कुछ दिनों पहले तक यह 11 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था, जो कि घटते-घटते 5 रुपये के लेवल पर आ गया है।
इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 415-436 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। कंपनी इसके ज़रिए 865 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। आईपीओ से पहले कंपनी ने 24 एंकर निवेशकों से करीब 389 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। इसके तहत 320 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए गए, जबकि 545 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत हो रही है।