Bharat Coking Coal IPO Allotment: देश की सबसे बड़ी कोल प्रोडक्शन कंपनी कोल इंडिया (Coal India) की सब्सिडरी भारत कोकिंग कोल के ₹1,071 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 143 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। अब इसके शेयरों का आज 14 जनवरी को अलॉटमेंट होना है जिसके बाद 19 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग होगी। अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार केफिन टेक की वेबसाइट पर देख सकते हैं। लिस्टिंग को लेकर बात करें तो ग्रे मार्केट से तगड़े संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) उछलकर ₹14 यानी 60.87% पर पहुंच गया। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।
BSE की साइट पर ऐसे करें चेक
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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।
रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक
सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Bharat Coking Coal चुनें।
एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।
शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।
Bharat Coking Coal IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
भारत कोकिंग कोल का ₹1,071 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जनवरी तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹21-₹23 था लेकिन एंप्लॉयीज के लिए हर शेयर पर ₹1 का डिस्काउंट था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 143.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 310.81 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 240.49 गुना, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 49.37 गुना, एंप्लॉयीज का हिसा 5.17 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 87.20 गुना भरा था। इस इश्यू में ₹107 करोड़ के शेयरों को कोल इंडिया के उन शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित रखा गया था जिनके पास 1 जनवरी 2026 या इससे पहले से कोल इंडिया के शेयर पोर्टफोलियो में थे।
भारत कोकिंग कोल के आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 46.57 करोड़ शेयर जारी हो रहे हैं लेकिन ये सभी शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत आएंगे और इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा। ये शेयर कंपनी की प्रमोटर कोल इंडिया बेच रही है जो अपनी 10% हिस्सेदारी हल्की कर रही है। कोल इंडिया की योजना अपनी सभी सब्सिडरीज को वित्त वर्ष 2030 तक लिस्ट कराने की है और इसी योजना के तहत भारत कोकिंग कोल का भी आईपीओ आ रहा है।
Bharat Coking Coal के बारे में
वर्ष 1972 में बनी भारत कोकिग कोल पूरी तरह से कोल इंडिया के मालिकाना हक वाली सब्सिडरी है। यह कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और वाश्ड कोल बनाती है। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के नेटवर्क में 34 ऑपरेशनल माइन्स हैं जिसमें से 4 अंडरग्राउंड, 26 ओपनकास्ट और 4 मिक्स्ड हैं। यह झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज में काम करती है। भारत कोकिंग कोल का मुख्य प्रोडक्ट कोकिंग कोल है जिसका इस्तेमाल स्टील और पावर इंडस्ट्रीज में होता है। वित्त वर्ष 2025 में देश में कुल कोकिंग कोल प्रोडक्शन में इसकी 58.50% हिस्सेदारी थी।
भारत कोकिंग कोल के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹664.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1,564.46 करोड़ लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर ₹1,240.19 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी। इसकी टोटल इनकम वित्त वर्ष 2023 में ₹13,018.57 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹14,652.53 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹14,401.63 करोड़ पर आ गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹123.88 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹6,311.51 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,559.13 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,006.52 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।