Cello World IPO : प्रति शेयर 617-648 रुपये का प्राइस बैंड तय, 30 अक्टूबर को खुलेगा इश्यू

Cello World IPO : यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा और इसमें प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों के पास मौजूद शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसमें किसी तरह के नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। इश्यू में कंपनी ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के शेयरों को आरक्षित रखने की बात कही है

अपडेटेड Oct 24, 2023 पर 6:02 PM
Cello World IPO सेलो वर्ल्ड ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड तय कर दिया है।

Cello World IPO : घरेलू सामान और स्टेशनरी बनाने वाली कंपनी सेलो वर्ल्ड ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड तय कर दिया है। कंपनी ने इसके लिए 617-648 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। बाजार सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कंपनी इश्यू के जरिए 1900 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह इश्यू 30 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 1 नवंबर को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 27 अक्टूबर को एक दिन के लिए खोली जाएगी।

सेलो वर्ल्ड ने पहले 1,750 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बाद में इसका आकार बढ़ाकर 1,900 करोड़ रुपये कर दिया गया। कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों में लिस्ट किए जाएंगे।

आईपीओ से जुड़ी डिटेल


यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा और इसमें प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों के पास मौजूद शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसमें किसी तरह के नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। इश्यू में कंपनी ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के शेयरों को आरक्षित रखने की बात कही है।

सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 6 नवंबर तक होने की संभावना है। वहीं, 8 नवंबर तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट्स में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। स्टॉक 9 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होगा। कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं। लिंक इनटाइम इंडिया रजिस्ट्रार है।

कंपनी के बारे में

घरेलू इस्तेमाल वाले साजोसामान और स्टेशनरी प्रोडक्ट्स की बिक्री करने वाली कंपनी के देशभर में पांच अलग स्थानों पर 13 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट मौजूद हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30 फीसदी बढ़कर 285 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी राजस्थान में ग्लासवेयर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित कर रही है। इसका करीब 80 फीसदी राजस्व इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन से आता है, और शेष (मुख्य रूप से स्टील और ग्लासवेयर प्रोडक्ट्स) थर्ड पार्टी के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स द्वारा बनाए जाते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।