Cello World IPO : कंज्यूमर-वेयर कंपनी सेलो वर्ल्ड (Cello World) का आईपीओ 30 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 1900 करोड़ रुपये जुटाने का है। निवेशकों के पास इसमें 1 नवंबर तक निवेश का मौका होगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड होगा। इसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली आय कंपनी के प्रमोटर राठौड़ फैमिली को जाएगी। कंपनी जल्द ही इस आईपीओ के प्राइस बैंड की घोषणा करने वाली है। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 27 अक्टूबर को खुलेगा।
मुंबई स्थित Cello World ने इश्यू साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 15 फीसदी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए आरक्षित किया है। शेष 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है।
सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 6 नवंबर तक होने की संभावना है। वहीं, 8 नवंबर तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट्स में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। स्टॉक 9 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होगा। कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं। लिंक इनटाइम इंडिया रजिस्ट्रार है।
कंज्यूमर हाउसवेयर, राइटिंग इंस्ट्रूमेंट और स्टेशनरी, और मोल्डेड फर्नीचर और प्रोडक्ट्स और कंज्यूमर ग्लासवेयर कैटेगरी में मौजूदगी के साथ फर्म ने जून 2023 तक अपनी प्रोडक्ट कैटेगरी में 15,891 स्टॉक-कीपिंग यूनिट (SKU) ऑफर की है। कंपनी ने कहा है कि यह पांच जगहों पर 13 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी संचालित करती है और राजस्थान में ग्लासवेयर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित कर रही है। इसका करीब 80 फीसदी राजस्व इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन से आता है, और शेष (मुख्य रूप से स्टील और ग्लासवेयर प्रोडक्ट्स) थर्ड पार्टी के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स द्वारा बनाए जाते हैं।
EBITDA मार्जिन में गिरावट को छोड़कर सेलो वर्ल्ड का वित्तीय प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसका वित्त वर्ष 23 का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30.5 फीसदी बढ़कर 266.1 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व 32.2 फीसदी बढ़कर 1,796.7 करोड़ रुपये हो गया। इसका EBITDA पिछले वर्ष से 26 फीसदी बढ़कर 420.54 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, मार्जिन 110 आधार अंक (बीपीएस) कम होकर 23.4 फीसदी पर रहा।
FY24 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25.2 फीसदी बढ़कर 77.4 करोड़ रुपये और राजस्व 9 फीसदी बढ़कर 471.8 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष की तुलना में 290 बीपीएस के मार्जिन विस्तार के साथ 25.3 फीसदी की वृद्धि के साथ EBITDA 23 फीसदी बढ़कर 119.2 करोड़ रुपये हो गया।