Global Surface का आईपीओ 13 मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशक इसमें 15 मार्च तक पैसे लगा सकेंगे। इस आईपीओ के लिए 133-140 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू आज यानी 10 मार्च से ही खुल गया है। इसके शेयरों का अलॉटमेंट 20 मार्च को फाइनल होगा। वहीं, इसकी लिस्टिंग 23 मार्च को होगी। यूनिस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड इश्यू के लिए एकमात्र लीड बुक रनिंग मैनेजर है।
ग्लोबल सरफेस के इस आईपीओ के तहत 85.2 लाख तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स और प्रमोटर्स द्वारा 25.5 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। OFS के हिस्से के रूप में प्रमोटर मयंक शाह 14 लाख शेयर बेचेंगे। जबकि श्वेता शाह OFS में 11.5 लाख शेयर बेचेंगी।
अपर प्राइस बैंड के हिसाब से फर्म की योजना लगभग 154.98 करोड़ रुपये जुटाने की है। इस आईपीओ के लिए 100 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया है। एक रिटेल-इंडिविजुअल इन्वेस्टर 14 लॉट (1400 शेयर या ₹196,000) तक के लिए आवेदन कर सकता है।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
फ्रेश इश्यू से होने वाली आय में से 90 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल दुबई में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इसके तहत कंपनी की शाखा ग्लोबल सरफेस FZE में निवेश किया जाएगा। प्लांट स्थापित करने की कुल अनुमानित लागत 150.74 करोड़ रुपये है।
ग्रे मार्केट की बात करें तो ग्लोबल सरफेस को लेकर पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में यह शेयर 32 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ की लिस्टिंग 172 रुपये के भाव पर हो सकती है। यानी निवेशकों को 22.86 फीसदी मुनाफा होने की उम्मीद है। एक दिन पहले यह 40 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। यानी GMP में कल की तुलना में मामूली गिरावट देखी गई है।
ग्लोबल सरफेस नेचुरल स्टोन के प्रोसेसिंग और इंजीनियर क्वार्ट्ज के प्रोडक्शन का काम करती है। ये नेचुरल स्टोन जटिल जियोलॉजिकल प्रोसेस से तैयार होते हैं। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन निराशाजनक रहा क्योंकि इसने मार्जिन में गिरावट दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का रेवेन्यू 190.31 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले साल यह 175.37 करोड़ रुपए था।
इस अवधि में नेट प्रॉफिट पिछले वर्ष के 33.93 करोड़ रुपये से बढ़कर 35.63 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले वर्ष के 27.05 प्रतिशत से गिरकर 21.97 प्रतिशत हो गया। सितंबर 2022 तक, कंपनी का शुद्ध कर्ज 50.68 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2022 तक 37.29 करोड़ रुपये था।