Hyundai India IPO Day 1 Subscription: देश का सबसे बड़ा आईपीओ आज खुल गया है। और 17 अक्टूबर को बंद होगा। मारुति के बाद यह देश की दूसरी सबसे बड़ी OEM (Original equipment manufacturer) कंपनी है जो लिस्ट होने जा रही है। कंपनी के इश्यू का प्राइस बैंड 1865-1960 है। Hyndai India अपने IPO से 27,870.16 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है।
Hyundai India IPO: जानिए पहले दिन कितना सब्सक्राइब हुआ इश्यू
15 अक्टूबर को दोपहर 05:00 बजे तक Hyundai India का इश्यू 18 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर के लिए रिजर्व हिस्से में 26 फीसदी सब्सक्रिप्शन हुआ है। जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में 13 फीसदी बुकिंग हुई है। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 5 फीसदी सब्सक्राइब हो गया है। कर्मचारियों के रिजर्व हिस्से की बात करें तो यह 80 फीसदी भर चुका है। Hyndai India अपने कर्मचारियों को हर शेयर पर 186 रुपए का डिस्काउंट दे रही है।
Hyundai Motor India के शेयरों का अलॉटमेंट 18 अक्टूबर को फाइनल होगा। जबकि BSE और NSE पर इसके शेयरों की लिस्टिंग 22 अक्टूबर को होने वाली है।
Hyundai India IPO: क्या इसमें पैसा लगाना चाहिए?
इस इश्यू में पैसा लगाने को लेकर ब्रोकरेज फर्म और मार्केट एक्सपर्ट्स की साफ राय है। उनका कहना है कि इस इश्यू से अगर आप लिस्टिंग गेन की उम्मीद कर रहे हैं तो वह नहीं मिलेगा। लेकिन अगर आप लॉन्ग टर्म तक बने रहे सकते हैं तो इससे डबल डिजिट में कंमाई होगी। ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities के मुताबिक, "हम इस आईपीओ से लिमिटेड लिस्टिंग गेन की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि ये उम्मीद है कि लिस्टिंग के बाद मीडियम से लॉन्ग टर्म में यह शेयर डबल डिजिट में रिटर्न दे सकता है।" ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल में अभी कंपनी के पास ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं। इसके साथ ही Hyundai Motor India में यह क्षमता है कि वह ग्रोथ को पूरी तरह भुना सके।
शेयरखान ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह डोमेस्टिक मार्केट के अलावा विदेशी मार्केट में भी अपनी पकड़ मजबूत बना रही है। फिस्कल ईयर 2024 में कंपनी के कुल वॉल्यूम में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 21 फीसदी है। कंपनी चाहती है कि साउथ एशिया, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के लिए बड़े पैमाने पर गाड़ियां एक्सपोर्ट करना चाहती है। हालांकि दूसरी कंपनियों के नए प्रोडक्ट लॉन्च करने से कंपनी के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ा है और इसका असर मुनाफे पर भी दिख सकता है।