हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO को बिडिंग के आखिरी दिन यानी 17 अक्टूबर को दोगुना से भी ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, निवेशकों ने 23.63 करोड़ रुपये के लिए बिडिंग की, जबकि ऑफर 9.98 करोड़ का था। कंपनी का शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में 22 अक्टूबर को लिस्ट होगा। इस IPO में संस्थागत निवेशकों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB) सेगमेंट में 6.97 गुना बिडिंग देखने को मिली।
एक अखबार की रिपोर्ट में विश्लेषकों के हवाले से बताया कि इस IPO में रिटेल इनवेस्टर्स की ओर से मांग सुस्त रही। इसकी वजह हाई वैल्यूएशन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में शेयरों में गिरावट और त्योहारी सीजन के दौरान ऑटो सेक्टर में कुल मिलाकर कमजोर मांग को लेकर चिंताएं थीं। इक्विनॉमिक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और रिसर्च हेड जी चोकालिंगम ने बताया कि रिटेल इनवेस्टर्स की मांग में कमजोरी इसलिए थी, क्योंकि पहले भी ऐसे बड़े IPO लिस्टिंग के बाद निराशाजनक साबित हुए थे।
एक अन्य अहम वजह पैसेंजर व्हीकल की सेल्स में गिरावट रही। चोकालिंगम ने बताया, 'SUV (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) सेगमेंट पर हुंडई मोटर इंडिया का काफी फोकस रहा है और इसकी ग्रोथ भी डबल डिजिट में रही है। हालांकि, अब इस सेगमेंट की ग्रोथ सिंगल डिजिट में है।' मार्केट एनालिस्ट अंबरीश बलिगा ने बताया कि सब्सक्रिप्शन शुरू होने के कुछ दिन पहले कंपनी ने जारी किए जाने वाले शेयरों की संख्या का ऐलान किया था और इस वजह से अनुमान लगाया जा रहा था कि यह IPO 25,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। उन्होंने कहा, ' IPO का फाइनल साइज 28,000 करोड़ रुपये होने की वजह से इसकी कीमत अनुमान से 11-12 पर्सेंट ज्यादा हो गई और इस वजह से IPO के ग्रे मार्केट में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली।'
बिडिंग के आखिरी दिन यानी 17 अक्टूबर को हुंडई के IPO का ग्रे मार्केट प्राइस 1 पर्सेंट से नीचे गिर गया। हुंडई मोटर इंडिया पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में मारुति के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी ऑटो कंपनी है और इस सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी तकरीबन 15 पर्सेंट है।