JG Chemicals IPO : कोलकाता स्थित जिंक ऑक्साइड बनाने वाली कंपनी JG केमिकल्स लिमिटेड अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी को इस आईपीओ के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने 4 जनवरी 2023 को सेबी के पास अपने आईपीओ कागजात दाखिल किए थे। इस आईपीओ के तहत 202.50 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों और प्रमोटर्स द्वारा 57 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत की जाएगी।
OFS के हिस्से के रूप में विजन प्रोजेक्ट्स और फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 36.4 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसके अलावा, जयंती कमर्शियल लिमिटेड 1.4 लाख इक्विटी शेयर, सुरेश कुमार झुनझुनवाला (HUF) 12.7 लाख इक्विटी शेयर और अनिरुद्ध झुनझुनवाला (HUF) के 6.5 लाख इक्विटी शेयर बेचेंगे। इस इश्यू पर मर्चेंट बैंकरों के परामर्श से कंपनी 40 करोड़ रुपये तक के प्राइवेट प्लेसमेंट पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा प्लेसमेंट पूरा हो जाता है, तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल?
फ्रेश इश्यू से प्राप्त आय का इस्तेमाल इसकी शाखा BDJ ऑक्साइड्स में निवेश के लिए किया जाएगा। कंपनी कर्ज चुकाने के लिए 45 करोड़ रुपये, रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने के लिए 5.31 करोड़ रुपये और सहायक कंपनी के लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट की फंडिंग के लिए 65 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा, कंपनी के खुद के लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए 35 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया जाएगा।
JG केमिकल्स लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2001 में सुरेश झुनझुनवाला ने की थी। यह प्रोडक्शन और रेवेन्यू के मामले में भारत की सबसे बड़ी जिंक ऑक्साइड बनाने वाली कंपनी है। पिछले तीन सालों में इसने 10 से अधिक देशों में 200 से अधिक डोमेस्टिक कस्टमर्स और 50 से अधिक ग्लोबल कस्टमर्स को अपने प्रोडक्ट्स बेचे हैं। टायर इंडस्ट्री इसके प्रोडक्ट्स का सबसे बड़ा कंज्यूमर है।
CARE रिपोर्ट के अनुसार कंपनी टॉप 10 ग्लोबल टायर मैन्युफैक्चरर्स में से 9 को और भारत में टॉप 11 टायर कंपनियों में से सभी को अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। इसके साथ ही यह भारत में लीडिंग पेंट मैन्युफैक्चरर, फुटवियर प्लेयर और कॉस्मेटिक कंपनियों को भी प्रोडक्ट सप्लाई करती है।
वित्तीय वर्ष 2022 में कंपनी ने एक साल पहले 435.30 करोड़ रुपये के मुकाबले 612.83 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले वर्ष के 28.80 करोड़ रुपये के मुकाबले 43.13 करोड़ रुपये रहा। 30 सितंबर 2022 को समाप्त छह महीनों में ऑपरेशन से राजस्व 425.07 करोड़ और नेट प्रॉफिट 35.71 करोड़ रुपये रहा।