Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने खुलते ही रिकॉर्ड बना दिया। यह अब तक आए बड़े आईपीओ में सबसे जल्द पूरी तरह से सब्सक्राइब होने वाला इश्यू बन गया। इससे पहले आए ह्युंडई मोटर इंडिया, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ को निवेशकों का ऐसा रिस्पॉन्स नहीं मिला था।
अब तक कोई बड़ा आईपीओ इतनी जल्द सब्सक्राइब नहीं हुआ था
Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल गया। खुलने के कुछ ही मिनट में यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। Bajaj Housing Finance का आईपीओ खुलने के दिन दोपहर में 2 बजे तक पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ था। LG Electronics India का आईपीओ खुलने के पहले दिन शाम तक पूरी तरह से सब्सक्राइब हुआ था। Hyundai Motor India का आईपीओ खुलने के पहले दिन शाम तक सिर्फ 18 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था।
21 जून को खुलने के 35 मिनट के अंदर पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलने के 35 मिनट के अंदर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में 19.75 करोड़ शेयर इश्यू करने वाली है। इसके मुकाबले सुबह 10:45 बजे तक कंपनी को 22.71 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी थीं। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व हिस्सा 3.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व हिस्सा 29 फीसदी सब्सक्राइब हुआ। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 26 फीसदी सब्सक्राइब हुआ।
लिस्टिंग के बाद 10 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी बनेगी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 23 अक्तूबर तक बोली लगाई जा सकती है। यह शेयर बीएसई और एनएसई में 28 अक्तूबर को लिस्ट हो सकता है। लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन शेयर के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगी। इससे यह इंडिया की 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। इस लिस्ट में अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।
शुरुआत के 10 साल के अंदर देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी रिलायंस जियो
इनवेस्टर्स को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का काफी समय से इंतजार था। रिलायंस जियो इंफोकॉम देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जो जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी है। इसके 53 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, जिसमें से 28 करोड़ 5जी के सब्सक्राइबर्स हैं। रिलायंस जियो की शुरुआत 10 साल पहले हुई थी। जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से आने वाले पैसे में से ज्यादातर का इस्तेमाल रिलायंस जियो का कर्ज चुकाने के लिए करेगी।
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