Jio Platforms IPO: देश का सबसे बड़ा आईपीओ 21 अक्तूबर को खुलेगा, इश्यू में बोली लगाने से पहले ये 6 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अब तक आए दूसरे बड़े आईपीओ से अलग है। इस आईपीओ में कंपनी सिर्फ नए शेयर इनवेस्टर्स को इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इसमें ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं होगा। कंपनी के पुराने इनवेस्टर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे
जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर के लिए 1,065-1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल जाएगा। कंपनी ने 14 अक्तूबर को आरएचपी फाइल कर दिया। इसके बाद इस आईपीओ से जुड़ी सभी जानकारियां सामने आ गई हैं। यह आईपीओ कई मायनों से अब तक आए दूसरे बड़े आईपीओ से अलग है। जो इनवेस्टर्स इस आईपीओ का इंतजार कर रहे थे, उन्हें निवेश से पहले कुछ खास बातें जरूर जान लेनी चाहिए।
देश का अब तक सबसे बड़ा आईपीओ
Jio Platforms देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने जा रही है। यह इश्यू 30,213 करोड़ रुपये का होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्युंडई मोटर इंडिया के नाम है। उसने 2024 में 27,859 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। पिछले महीने एनएसई ने भी करीब 22,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।
इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं
हाल में पेश कुछ बड़े आईपीओ से जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस लिहाज से अलग है कि कंपनी इस इश्यू में सिर्फ नए शेयर इनवेस्टर्स को इश्यू करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि कंपनी के पुराने इनवेस्टर्स इस आईपीओ के जरिए अपने शेयर नहीं बेचेंगे। इसलिए आईपीओ से आने वाला पूरा पैसा कंपनी के हाथ में आएगा।
इश्यू से कंपनी के पास 30,213 करोड़ आएंगे
जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर के लिए 1,065-1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा। यह 23 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्टूबर को लिस्ट होंगे। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 27 करोड़ शेयर इश्यू करने से कंपनी के पास 30,213 करोड़ रुपये आएंगे। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स 10 लाख करोड़ वैल्यूएशन क्लब में शामिल
लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स 10 लाख करोड़ रुपये वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। अभी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। हालांकि, शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से किसी कंपनी की वैल्यूएशन में बदलाव हो सकता है। किसी कंपनी की वैल्यूएशन शेयर की क्लोजिंग प्राइस पर निर्भर है।
कर्ज चुकाने के लिए होगा ज्यादातर पैसे का इस्तेमाल
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से आए पैसे में से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कामकाज के लिए होगा। रिलायंस जियो इंफोकॉम देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जो जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी है। जियो प्लेटफॉर्म्स देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई है। रिलायंस जियो के देश में टेलीकॉम के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं।
आईपीओ से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। अमेरिकी कंपनी मेगा की हिस्सेदारी 9.98 फीसदी है, जबकि गूगल की 7.73 फीसदी हिस्सेदारी है। इनमें से कोई इस आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेच रहा है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ का मकसद कंपनी पर कर्ज का बोझ कम करना और आगे की ग्रोथ के लिए पूंजी जुटाना है।
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