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Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में ये 5 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स फाइल कर दिया। इससे देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी के आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। यह आईपीओ इस साल के आखिर तक बाजार में आ सकती है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 20, 2026 पर 10:29 AM
Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में ये 5 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए
जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर से 19 जून को पर्दा हट गया। कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स फाइल कर दिया। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जियो प्लेटफॉर्म्स आज ही सेबी के पास पेपर्स फाइल करेगी। अब देश की सबसे टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास जो डीआरएचपी फाइल किया है, उससे कंपनी के बारे में कई अहम बातें पता चलती हैं। इस आईपीओ में बोली लगाने से पहले इनवेस्टर्स को ये बातें जरूर जाननी चाहिए। इनसे जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति, फ्यूचर प्लान और स्ट्रेंथ का पता चलेगा।

1. रेवेन्यू

वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 14.6 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। यह FY25 में 1.28 लाख करोड़ रुपये था। बीते दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू 34 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। इसमें अच्छी सब्सक्राइबर ग्रोथ, ज्यादा ARPU और डिजिटल सर्विसेज के विस्तार का हाथ है। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बिजनेस शुरू करने के सिर्फ 10 सालों में यह उपलब्धि हासिल की है।

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