JSW Infrastructure का IPO आज 25 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। पहले दिन अब तक यह इश्यू 43 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। इसे कुल 5.82 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल गई है जबकि ऑफर पर 13.62 करोड़ शेयर हैं। कंपनी ने 23 सितंबर को एंकर इनवेस्टर्स से 1260 करोड़ रुपए जुटाए हैं। आईपीओ का इश्यू प्राइस 113-119 रुपए है। JSW Infrastructure आईपीओ से 2800 करोड़ रुपए जुटा रही है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसमें 27 सितंबर तक निवेश का मौका है।
सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों ने अब तक सबसे अधिक दिलचस्पी दिखाई है और उनके लिए रिजर्व हिस्सा पूरी तरह भर गया है। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.38 गुना सब्सक्राइब हुआ है। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के हिस्से को 3 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला है। नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 60 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।
पिछले लगभग 13 सालों में यह JSW ग्रुप का पहला IPO है। JSW Infrastructure के इश्यू से कंपनी की योजना 2800 करोड़ रुपये जुटाने की है। इश्यू केवल फ्रेश इक्विटी शेयर बेस्ड है यानि इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। IPO का 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
इस इश्यू से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी कर्ज को कम करने और क्षमता विस्तार में करेगी। जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर, जेएसडब्ल्यू समूह की तीसरी कंपनी है जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी। समूह की अन्य लिस्टेड कंपनियां जेएसडब्ल्यू एनर्जी और जेएसडब्ल्यू स्टील हैं। JM फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, क्रेडिट सुइस सिक्योरिटीज, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, HSBC सिक्योरिटीज, ICICI सिक्योरिटीज, कोटक महिन्द्रा कैपिटल और SBI कैपिटल आईपीओ के लिए बैंकर्स हैं। वहीं रजिस्ट्रार KFin Technologies है।
अप्रैल-जून 2023 तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यु सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 878 करोड़ रुपये हो गया। वहीं शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत बढ़कर 322 करोड़ रुपये रहा था।जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर वित्त वर्ष 2011-23 के दौरान इंस्टॉल्ड कार्गो हैंडलिंग कैपेसिटी और कार्गो वॉल्यूम के मामले में फास्टेस्ट ग्रोइंग बंदरगाह-संबंधित इंफ्रा कंपनी रही थी। वित्त वर्ष 2022-23 में कार्गो हैंडलिंग क्षमता के मामले में यह दूसरी सबसे बड़ी डॉमेस्टिक कमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर बनकर उभरी।