Mankind Pharma IPO: निवेश से पहले समझ लें ग्रे मार्केट का हाल, वैल्यूएशन महंगा है या सस्ता? एक्सपर्ट्स की राय

फिलहाल ग्रे मार्केट में इसके शेयर करीब 7-8 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। निवेशकों को लिस्टिंग पर 74 रुपये प्रति शेयर का मुनाफा होने की उम्मीद है। ध्यान दें कि आज ग्रे मार्केट में इस इश्यू का पहला दिन है और आगे स्थिति बदलने की पूरी संभावना है

अपडेटेड Apr 24, 2023 पर 11:44 PM
कॉन्डोम बनाने वाली फर्म मैनफोर्स (Manforce) की पेरेंट कंपनी मैनकाइंड फार्मा के आईपीओ का प्राइस बैंड तय हो गया है।

Mankind Pharma IPO : कॉन्डोम बनाने वाली फर्म मैनफोर्स (Manforce) की पेरेंट कंपनी मैनकाइंड फार्मा के आईपीओ का प्राइस बैंड तय हो गया है। अगर आप इस आईपीओ में निवेश का मन बना रहे हैं तो आपको पहले ग्रे मार्केट में इसकी स्थिति जान लेनी चाहिए। फिलहाल ग्रे मार्केट में इसके शेयर करीब 7-8 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। निवेशकों को लिस्टिंग पर 74 रुपये प्रति शेयर का मुनाफा होने की उम्मीद है। ध्यान दें कि आज ग्रे मार्केट में इस इश्यू का पहला दिन है और आगे स्थिति बदलने की पूरी संभावना है। प्राइस बैंड तय होने के बाद सवाल यह है कि निवेश के लिहाज से इसका वैल्यूएशन महंगा है या सस्ता? हमने यहां आगे बताया है कि इस आईपीओ के GMP को लेकर एक्सपर्ट्स की क्या राय है।

आईपीओ से जुड़ी डिटेल

यह इश्यू आने वाले सप्ताह में 25 अप्रैल को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक इसमें 27 अप्रैल 2023 तक निवेश कर सकेंगे। कंपनी ने आज 19 अप्रैल को इस आईपीओ के लिए 1,026-1,080 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड है। इसका मतलब है कि कंपनी को इस ऑफर के जरिए फंड नहीं मिलेगा और पूरी रकम सेलिंग शेयरहोल्डर्स को जाएगी। कुल मिलाकर इस इश्यू से कंपनी को हायर प्राइस बैंड के हिसाब से 4,326.35 करोड़ रुपये मिलेंगे।


ग्रे मार्केट को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की राय

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रीमियम कम होने की वजह महंगा वैल्यूएशन और आईपीओ में केवल ऑफर फॉर सेल का होना हो सकता है। स्टॉक्सबॉक्स के रिसर्च हेड मनीष चौधरी ने कहा, "मैनकाइंड फार्मा का मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 7 फीसदी उत्साहजनक नहीं है। इसके आईपीओ का आकार लगभग 4,300 करोड़ रुपये है।"

उन्हें उम्मीद है कि महंगे वैल्यूएशन, अधिक कर्ज और बिजनेस के लिए आय का कोई इस्तेमाल नहीं होने के कारण ग्रे मार्केट प्रीमियम आगे चलकर कम हो जाएगा। उनका मानना है कि अगर कोई मीडियम से लॉन्ग टर्म में निवेश में बने रहने का इच्छुक है तो फार्मास्युटिकल सेक्टर में आकर्षक वैल्यूएशन पर और भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।

मैनकाइंड फार्मा खुद की तुलना सन फार्मा, Zydus लाइफ साइंसेज, सिप्ला, डाबर इंडिया, अल्केम लेबोरेटरीज, इप्का लेबोरेटरीज, टोरेंट फार्मा, जीएसके फार्मा और Zydus वेलनेस सहित कई लिस्टेड कंपनियों से करती है। यह काफी हद तक घरेलू बाजार पर फोकस्ड है, जिसने FY22 के ऑपरेशन से अपने राजस्व में 97.60 फीसदी का योगदान दिया।

Mankind Pharma के बारे में डिटेल्स

मैनकाइंड फार्मा की शुरुआत रमेश जुनेजा ने की थी। इसमें क्रिस कैपिटल और कैपिटल इंटरनेशल जैसे प्राइवेट इक्विटी फर्म ने पैसे लगाया हुआ है। कारोबार की बात करें तो इसका सबसे अधिक फोकस घरेलू मार्केट पर है और वित्त वर्ष 2022 के नतीजों के हिसाब से यहां से उसे 97.60 फीसदी रेवेन्यू हासिल होता है। इसके करीब 36 ब्रांड्स हैं। यह मैनफोर्स कॉन्डोम, प्रेग्नेंसी टेस्ट किट प्रेगा न्यूज और इमरजेंसी कांट्रासिप्टिव ब्रांड अनवांटेड-72 के ब्रांड नाम से प्रोडक्ट्स की बिक्री करती है। इसके अलावा यह एंटएसिड पाउडर्स (गैस-ओ-फास्ट), विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स (हेल्थ ओके ब्रांड) और एंटी-एक्ने प्रीपेरेशंस (एक्नेस्टार ब्रांड) जैसे हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स को भी बनाकर बेचती है।

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