मोबिक्विक (Mobikwik) और वारी एनर्जीज (Waaree Energies) को आईपीओ के जरिए फंड जुटाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी की मंजूरी मिल गई है। सेबी ने इन कंपनियों को 19 सितंबर को ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किए। ऑब्जर्वेशन लेटर जारी करने का मतलब है कि कंपनी को एक साल के भीतर अपना आईपीओ लॉन्च करना होगा। वन मोबिक्विक सिस्टम्स ने इस साल 4 जनवरी को 700 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ कागजात दाखिल किए थे।
वन मोबिक्विक सिस्टम्स के पब्लिक इश्यू के तहत केवल फ्रेश इक्विटी शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कोई बिक्री नहीं होगी। इसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय कंपनी को जाएगी। वन मोबिक्विक सिस्टम्स में बजाज फाइनेंस, पीक XV पार्टनर्स, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और सिकोइया कैपिटल का निवेश है। बिपिन प्रीत सिंह और उपासना टाकू द्वारा स्थापित यह कंपनी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में 140 करोड़ रुपये जुटा सकती है। अगर प्री-आईपीओ प्लेसमेंट किया जाता है, तो नए इश्यू का साइज कम हो जाएगा।
फिनटेक कंपनी ने 15.6 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हासिल किया है और पोर्टल पर दिए गए डेटा के अनुसार 41 लाख से अधिक मर्चेंट्स को ऑनलाइन और ऑफलाइन पेमेंट करने और एक्सेप्ट करने में सक्षम बनाया। यह डिजिटल क्रेडिट, निवेश और इंश्योरेंस वर्टिकल के तहत प्रोडक्ट ऑफर करता है।
Mobikwik कहां करेगी फंड का इस्तेमाल
गुरुग्राम स्थित डिजिटल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज प्लेटफॉर्म Mobikwik फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस पर 250 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा, कंपनी का इरादा पेमेंट सर्विसेज बिजनेस पर 135 करोड़ रुपये खर्च करने का है। इसके अलावा, 135 करोड़ रुपये का इस्तेमाल डेटा, ML और AI और प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी में निवेश पर किया जाएगा। कंपनी की योजना 70.3 करोड़ रुपये का उपयोग पेमेंट डिवाइस बिजनेस पर करने की है। शेष फंड सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए अलग रखी जाएगी।
सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी वारी एनर्जीज ने 28 दिसंबर 2023 को सेबी के पास अपने IPO कागजात दाखिल किए थे। इस आईपीओ के तहत 3000 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 32 लाख शेयरों की बिक्री OFS के जरिए की जाएगी। प्रमोटर वारी सस्टेनेबल फाइनेंस ऑफर-फॉर-सेल में 27 लाख शेयर बेचेगा, और शेष 5 लाख शेयर नॉन-प्रमोटर चंदुरकर इन्वेस्टमेंट और समीर सुरेंद्र शाह द्वारा बेचे जाएंगे।
Waaree Energies का कारोबार
वारी एनर्जीज का कामकाज 2007 में शुरू हुआ। इसने वित्त वर्ष 2021 में कुल स्थापित क्षमता को 2 गीगावाट से बढ़ाकर जून 2023 में 12 गीगावाट कर लिया है। कंपनी के पास गुजरात में चार मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं। इसके सोलर पीवी मॉड्यूल वर्तमान में मल्टीक्रिस्टलाइन सेल, मोनोक्रिस्टलाइन सेल और टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट (TopCon) जैसे उभरते टेक्नोलॉजीज की मदद से बनाए जाते हैं। इससे एनर्जी लॉस को कम करने और ओवरऑल एफिशिएंसी को बढ़ाने में मदद मिलती है।
Waaree Energies कहां करेगी फंड का इस्तेमाल
वारी एनर्जीज का लिस्टेड कंपटीटर वेबसोल एनर्जी सिस्टम है। कंपनी आईपीओ से होने वाली आय में से 2500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल ओडिशा में 6GW की इनगोट वेफर, एक सोलर सेल और सोलर PV मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की स्थापना के लिए करेगी। शेष फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।