Upcoming IPO: निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी और पारस हेल्थकेयर के आईपीओ को मार्केट रेगुलेटर सेबी की मंजूरी मिल गई है। सेबी ने अपने लेटेस्ट अपडेट में कहा कि उसने 18 अक्टूबर को दोनों कंपनियों को ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया है। निवा बूपा ने इस साल 29 जून को मार्केट रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। इसके अलावा, पारस हेल्थकेयर ने 31 जुलाई को आईपीओ कागजात जमा किए थे। ऑब्जर्वेशन लेटर जारी करने का मतलब है कि कंपनी को एक साल के भीतर अपना आईपीओ लॉन्च करना होगा।
Niva Bupa Health Insurance IPO
ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ के निवेश वाली कंपनी निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस ने आईपीओ के जरिए 3000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 800 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 2200 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी।
प्रमोटर बूपा सिंगापुर होल्डिंग्स पीटीई 320 करोड़ रुपये और निवेशक फेटल टोन एलएलपी 1,880 करोड़ रुपये के शेयर OFS में बेचेंगे। निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी बूपा ग्रुप (यूके स्थित हेल्थकेयर सर्विसेज एक्सपर्ट) और फेटल टोन एलएलपी के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। डीआरएचपी के अनुसार, बूपा सिंगापुर होल्डिंग्स पीटीई के पास निवा बूपा में 62.27 फीसदी हिस्सेदारी है, और शेष शेयर फेटल टोन एलएलपी (27.86 प्रतिशत हिस्सेदारी) सहित पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हैं।
पारस हेल्थकेयर में ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म Creador का निवेश है। कंपनी 400 करोड़ रुपये का फ्रेश इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके अलावा, 1.49 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री OFS के जरिए की जाएगी। प्रमोटर धर्मिंदर कुमार नागर और निवेशक कॉमेलिना OFS में क्रमशः 29.28 लाख शेयर और 1.2 करोड़ शेयर बेचेंगे। कॉमेलिना ने जुलाई 2017 में हिस्सेदारी हासिल की थी।
गुरुग्राम स्थित हेल्थकेयर प्रोवाइडर में धर्मिंदर कुमार नागर और कॉमेलिना (Creador की सहयोगी) के पास 75.32 फीसदी और 24.68 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी कर्ज चुकाने के लिए फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि में से 300 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
पारस हेल्थकेयर पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2135 बेड के साथ पारस हेल्थ ब्रांड के तहत आठ अस्पतालों का संचालन करती है। पारस के पब्लिक इश्यू को संभालने वाले मर्चेंट बैंकर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।