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IPO: दिवाली वीक के दौरान प्राइमरी मार्केट में सन्नाटा, नहीं लॉन्च होगा कोई नया आईपीओ

चालू वर्ष 2024 में अब तक 69 कंपनियों ने अपने IPO (एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मौजूदा आईपीओ को छोड़कर) के जरिए 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। SME समेत चालू वर्ष में आईपीओ के जरिए जुटाई गई कुल रकम 1.26 लाख करोड़ रुपये रही है, जो पिछले वर्ष (करीब 58,000 करोड़ रुपये) से कहीं अधिक है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 27, 2024 पर 9:06 PM
IPO: दिवाली वीक के दौरान प्राइमरी मार्केट में सन्नाटा, नहीं लॉन्च होगा कोई नया आईपीओ
भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट का असर अब प्राइमरी मार्केट पर भी दिख रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट का असर अब प्राइमरी मार्केट पर भी दिख रहा है। 28 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए दिवाली हफ्ते में कोई नया IPO लॉन्च नहीं होगा। शेयर बाजार ने ठीक एक महीने पहले यानी 27 सितंबर को 26277 का रिकॉर्ड हाई बनाया था। हालांकि, इसमें अब तक 2000 अंक की गिरावट आ चुकी है, जो कि करीब 8 फीसदी के बराबर है। बाजार में गिरावट के लिए FII की बिकवाली, कमजोर तिमाही नतीजे और जियो-पॉलिटिकल टेंशन समेत कई वजहें जिम्मेदार हैं। अमेरिकी चुनावों से पहले सतर्कता के बीच आने वाले दिनों में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकता है। इस बीच प्राइमरी मार्केट में भी सुस्ती देखने को मिल रही है।

प्राइमरी मार्केट पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय

एक्सपर्ट्स के अनुसार इक्विटी बाजार में निकट अवधि की चिंताओं के कारण निश्चित रूप से आईपीओ में देरी होने की संभावना है। हालांकि, इससे कई कंपनियों की आईपीओ योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उनका मानना ​​है कि मौजूदा रिस्क फैक्टर्स में प्राइसिंग के बाद नवंबर में बाजार का मूड बदल सकता है। नतीजतन, पेंडिंग आईपीओ की बाढ़ फिर से आ सकती है और 2025 के 2024 से बेहतर वर्ष होने की उम्मीद है।

आशिका ग्लोबल के अमित जैन का मानना ​​है कि 2025 में आईपीओ फंड जुटाने का ट्रेंड संभवतः 2024 से आगे निकल जाएगा। अनुमानों से पता चलता है कि बाजार की स्थितियों के स्टेबल होने के साथ ही पाइपलाइन मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि 2025 में उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन मौजूदा बाजार की डायनेमिक के कारण तत्काल आउटलुक कम हैं।

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