Sah Polymers IPO Listing: बोरी बनाने वाली दिग्गज कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) के शेयरों की लिस्टिंग आज 12 जनवरी को होने वाली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों ने इस आईपीओ में दांव लगाया है उन्हें आज लिस्टिंग पर 10 फीसदी का मुनाफा हो सकता है। एक्सपर्ट्स की राय है कि इस इश्यू को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और साथ ही इसका फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी बेहतर है, जिसका कल लिस्टिंग पर इसे फायदा मिल सकता है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि इश्यू का वैल्यूएशन महंगा है। एक्सपर्ट्स ने पियर्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर भी चिंता जताई है। आइए समझते हैं एक्सपर्ट्स की राय के क्या हैं मायने।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय
मेहता इक्विटीज में रिसर्च के सीनियर VP प्रशांत तापसे ने कहा कि हालांकि साह पॉलिमर एक माइक्रो मार्केट कैप कंपनी है, लेकिन इसे सभी इन्वेस्टर कैटेगरी से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा, “हम इसके 65 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 10-12 फीसदी के लिस्टिंग प्रीमियम की उम्मीद करते हैं।"
स्टॉक्सबॉक्स में रिसर्च हेड मनीष चौधरी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि मजबूत सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के बावजूद कंपनी मामूली मुनाफे के साथ लिस्ट होगी। कंपनी पैकेजिंग मटेरियल के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है और ऋषि टेकटेक्स और जंबो बैग जैसे पियर्स की तुलना में इसका वैल्यूएशन महंगा है।”
ग्रे मार्केट की बात करें तो इस आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। इस समय यह इश्यू ग्रे मार्केट में 10 रुपये के प्रीमियर पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि निवेशकों को 15 फीसदी से अधिक का मुनाफा हो सकता है। इस आईपीओ के लिए 61-65 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। यानी लिस्टिंग 75 रुपये के भाव पर हो सकती है। ग्रे मार्केट निवेशकों को आईपीओ शेयरों की एक्सपेक्टेड लिस्टिंग प्राइस का संकेत देता है।
कितना मिला था सब्सक्रिप्शन
साह पॉलीमर्स का 66.30 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 दिसंबर को खुला था और 4 जनवरी तक निवेशकों ने इसमें पैसे लगाए। इसके लिए 230 शेयरों का लॉट साइज फिक्स था। इश्यू को निवेशकों का पॉजिटिव रिस्पांस मिला। क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (QIB) का हिस्सा 2.40 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स का 32.69 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा लगभग 40 गुना सब्सक्राइब हुआ। ओवरऑल यह इश्यू 17.46 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
साह पॉलीमर्स प्लास्टिक की बोरी बनाती है जिसका इस्तेमाल एग्रो पेस्टिसाइड्स, दवा, सीमेंट, केमिकल, खाद, फूड प्रोडक्ट्स, कपड़े, टाइल्स और स्टील इंडस्ट्री में होता है। इसका कारोबार देश के 6 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी समेत अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियन में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2022 में इसे सालाना आधार पर 244 फीसदी अधिक 4.38 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ था। इसका रेवेन्यू भी 46.2 फीसदी बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं इससे पहले वित्त वर्ष 2020 में महज 30 लाख रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में 1.25 करोड़ रुपये का मुनाफा और 27.22 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था।