Sah Polymers IPO Subscription Status: पॉलीमर बैग बनाने वाली दिग्गज कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) के आईपीओ में निवेश का आज तीसरा दिन था। इस आईपीओ को अब तक 5.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। इस इश्यू को अब तक 2,99,95,450 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं जबकि ऑफर पर 56,10,000 शेयर हैं। इसमें रिटेल इन्वेस्टर्स जमकर दांव लगा रहे हैं। बता दें कि यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन ही पूरी तरह भर गया था। कंपनी इस इश्यू के ज़रिए 66 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह इश्यू 30 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसमें 4 जनवरी तक पैसे लगा सकते हैं। यानी इसमें निवेश का अंतिम दिन कल है।
अलग-अलग कैटेगरी में कितना मिला सब्सक्रिप्शन
ग्रे मार्केट में लगातार बढ़ रहा क्रेज
ग्रे मार्केट में साह पॉलीमर्स के आईपीओ को लेकर अच्छा-खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। इस समय यह इश्यू ग्रे मार्केट में 73 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है। जबकि इस आईपीओ के लिए 61-65 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। इसका मतलब है कि निवेशकों को प्रति शेयर 8 रुपये या 12.31 फीसदी का मुनाफा होने की संभावना है। कल यानी 2 जनवरी को ग्रे मार्केट में यह आईपीओ 6 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, 1 जनवरी यह रुपये के प्रीमियम पर था।
एक्सपर्ट्स भी हैं पॉजिटिव
इस आईपीओ को लेकर एक्सपर्ट्स ने भी पॉजिटिव संकेत दिए हैं। कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी बड़ा है और इसके भारत समेत कई देशों में ग्राहक हैं। इसके अलावा, मारवाड़ी शेयर्ड एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक कंपनी की ग्रोथ की गुंजाइश के हिसाब से आईपीओ में बेहतर वैल्यूएशन पर पैसे लगाने का मौका है। ऐसे में घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है।
साह पॉलीमर्स प्लास्टिक की बोरी बनाती है जिसका इस्तेमाल एग्रो पेस्टिसाइड्स, दवा, सीमेंट, केमिकल, खाद, फूड प्रोडक्ट्स, कपड़े, टाइल्स और स्टील इंडस्ट्री में होता है। इसका कारोबार देश के 6 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी समेत अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियन में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2022 में इसे सालाना आधार पर 244 फीसदी अधिक 4.38 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ था। इसका रेवेन्यू भी 46.2 फीसदी बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं इससे पहले वित्त वर्ष 2020 में महज 30 लाख रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में 1.25 करोड़ रुपये का मुनाफा और 27.22 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था।