OYO IPO : होटल एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म Oyo ने तकनीकी चुनौतियों के बीच अपने आईपीओ के साइज को कम करने का निर्णय लिया है। कंपनी अपने लगभग दो-तिहाई शेयरों में कटौती करने जा रही है। कंपनी इस हफ्ते आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, इस आईपीओ के तहत फ्रेश शेयरों में से सिर्फ एक तिहाई को ही बेचा जाएगा, इससे कंपनी को प्राप्त होने वाली फ्रेश कैपिटल की मात्रा कम हो जाएगी। बता दें कि कंपनी ने इसके पहले सितंबर 2021 में आईपीओ कागजात दाखिल किए थे, लेकिन सेबी ने उसे कुछ अतिरिक्त जानकारियों के साथ फिर से ड्राफ्ट पेपर फाइल करने के लिए कहा था।
कमजोर शर्तों पर आईपीओ आगे बढ़ाने की कोशिश
आईपीओ साइज कम करने के फैसले से पता चल रहा है कि कंपनी के फाउंडर रितेश अग्रवाल खुद पर वित्तीय दबाव कम करना चाहते हैं। इसके लिए वे कमजोर शर्तों पर भी आईपीओ को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रैवल मार्केट में महामारी के समय की तुलना में रिकवरी देखने को मिली है।
ओयो के तिमाही नतीजे कमजोर रहे हैं। दिसंबर में कंपनी ने कहा कि वह अपने कॉर्पोरेट और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में 600 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। इस बीच, अग्रवाल ने फर्म में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर का कर्ज लिया।
दूसरी बार अप्लाई करेगी कंपनी
सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनी ओयो अब दूसरी बार आईपीओ के लिए आवेदन करने जा रही है। इसके पहले 2021 में आईपीओ कागजात दाखिल किए थे लेकिन सेबी ने इसे लौटा दिया था। तब से, टेक्नोलॉजी कंपनियों के वैल्यूएशन में गिरावट आई है। महंगाई और बढ़ती ब्याज दरों के चलते ग्राहकों ने खर्च करना कम किया है और इससे मंदी को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
सूत्रों के मुताबिक ओयो के मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत कोई शेयर नहीं बेचे जाएंगे। सॉफ्टबैंक के पास इस कंपनी की लगभग आधी हिस्सेदारी है, जिसे ओरावेल स्टेज लिमिटेड कहा जाता है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ओयो ने इस मामले में ईमेल, टेक्स्ट और कॉल का फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया।