अब स्टॉक मार्केट्स में भी स्विगी और जोमैटो के बीच घमासान देखने को मिलेगा। अब तक फूड डिलीवरी बिजनेस में दोनों के बीच जबर्दस्त प्रतियोगिता देखने को मिली है। स्विगी ने आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट फाइल कर दिया है। जोमैटो के शेयरों में पहले से स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग हो रही है। स्विगी का आईपीओ 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है। इसमें कंपनी 3,750 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी कर सकती है, जबकि ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए प्रमोटर्स (इनवेस्टर्स) 6,500 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकते हैं।
रामदेव अग्रवाल का भी निवेश
आईपीओ से पहले Swiggy में वेंचर कैपिटल फर्मों ने निवेश किया है बल्कि बड़े फिल्म स्टार्स,स्पोर्ट्स स्टार और दूसरी सेलिब्रिटीज ने भी निवेश किया है। इनमें अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, करण जौहर, राहुल द्रविड़, जहीर खान, रोहन बोपन्ना शामिल हैं। इस कंपनी में मोतीलाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने भी निवेश किया है। ग्लोबल फंडों में SoftBank Vision Fund, Prosus, Accel और Elevation Capital का निवेश इस फूड डिलीवरी कंपनी में है।
स्विगी की शुरुआत 2014 में हुई थी। श्रीहर्ष मजेटी, नंदन रेड्डी और राहुल जैमिनी ने इसकी शुरुआत की थी। शुरुआत में इसका फोकस सिर्फ फूड डिलीवरी पर था। लेकिन, अब यह हायपर लोकल डिलीवरी सर्विस भी ऑफर करती है। इसकी देशभर में 1.5 लाख रेस्टोरेंट्स के साथ पार्टनरशिप है। देश के बड़े और छोटे दोनों तरह के शहरों में ग्राहकों के बीच इसकी अच्छी पैठ है। नए सेगमेंट में उतरने से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला है।
कंपनी के लॉस में आ रही कमी
स्विगी का मुकाबला ग्रॉसरी डिलीवरी में BigBasket जैसी कंपनियों से है। रैपिड डिलीवरी में वॉलमार्ट के भी आ जाने से कॉम्पटिशन बढ़ा है। FY24 में स्विगी का रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़कर 11,247 करोड़ रुपये पहुंच गया। फिर भी, कंपनी को 2,350 करोड़ रुपये का लॉस हुआ। लेकिन, कंपनी के लॉस में कमी आ रही है। FY23 में इसका लॉस 4,179 करोड़ रुपये था। दरअसल, कंपनी ने आईपीओ से पहले कॉस्ट घटाने और मार्जिन बढ़ाने पर फोकस बढ़ाया है।
अगर Zomato की बात करें तो यह FY24 में प्रॉफिट में आ गई। इस दौरान इसका रेवेन्यू 12,114 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्रॉफिट 351 करोड़ रुपये रहा। Zomato ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। ब्लिंकिट के अधिग्रहण के बाद यह क्विक कॉमर्स सर्विस में भी है। इससे कंपनी को ग्रोथ हासिल करने में मदद मिली है। यह 20 अरब डॉलर से ज्यादा की कंपनी बन गई है। स्विगी के आईपीओ आने पर निवेशक जोमैटो से उसकी तुलना करेंगे। उनकी नजरें इस बात पर होंगी कि इंडिया के 2 लाख करोड़ रुपये के फूड डिलीवरी मार्केट का बादशाह कौन बनता है। अभी दोनों कंपनियों की करीब 90 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है।
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10-13 अरब डॉलर हो सकती है वैल्यूएशन
स्विगी आईपीओ से हासिल पैसे का इस्तेमाल बिजनेस के विस्तार के लिए करेगी। ओएफएस के जरिए कंपनी के कुछ शुरुआती इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे। 2022 में स्विगी की वैल्यू 10.7 अरब डॉलर लगाई गई थी। लिस्टिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 10-13 अरब डॉलर के बीच रह सकती है। स्विगी का मुकाबला BigBasket, Flipkart, और Zomato से है।