होम और फर्निशिंग कंपनी वेकफिट इनोवेशंस का IPO 8 दिसंबर को खुलने जा रहा है। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, IPO की क्लोजिंग 10 दिसंबर को होगी। एंकर इनवेस्टर 5 दिसंबर को बोली लगा सकेंगे। शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 15 दिसंबर को हो सकती है। अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। IPO में 377.1 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 4.67 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा।
OFS के हिस्से के तौर पर प्रमोटर अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। साथ ही शेयरहोल्डर नितिका गोयल, पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स VI, रेडवुड ट्रस्ट, वर्लिनवेस्ट S.A., SAI ग्लोबल इंडिया फंड I LLP, इनवेस्टकॉर्प ग्रोथ इक्विटी फंड, इनवेस्टकॉर्प ग्रोथ ऑपर्च्युनिटी फंड और पैरामार्क KB फंड I शेयर बेचेंगे। वेकफिट ने इस साल जून में IPO के जरिए पैसे जुटाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। अक्टूबर में सेबी ने इस IPO को मंजूरी दी।
वेकफिट को साल 2016 में शुरू किया गया था। इसके पास गद्दे, फर्नीचर और फर्निशिंग की एक बड़ी रेंज है। इन्हें यह अपनी वेबसाइट और COCO स्टोर्स के साथ-साथ बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मल्टी-ब्रांडेड आउटलेट जैसे अलग-अलग मार्केटप्लेस के जरिए बेचती है। वेकफिट की 5 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं। इनमें से 2 कर्नाटक के बेंगलुरु में, 2 तमिलनाडु के होसुर में और एक हरियाणा के सोनीपत में है।
Wakefit IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
वेकफिट का प्रस्ताव है कि IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 31 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 117 नए COCO रेगुलर स्टोर बनाने में किया जाएगा। 15.4 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए इक्विपमेंट और मशीनरी खरीदने में किया जाएगा। 161.4 करोड़ रुपये मौजूदा स्टोर के लीज, सब-लीज रेंट और लाइसेंस फीस के पेमेंट के लिए खर्च होंगे। इसके अलावा 108.4 करोड़ रुपये मार्केटिंग और एडवरटाइजमेंट पर खर्च होंगे। बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे।
इससे पहले नवंबर में वेकफिट ने प्री-IPO फंडिंग राउंड के तहत DSP इंडिया फंड और 360 ONE इक्विटी अपॉर्चुनिटीज फंड से 56 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद कंपनी की वैल्यूएशन 6,408 करोड़ रुपये आंकी गई। पैसा 195 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 28,71,794 इक्विटी शेयरों के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया गया। प्री-IPO राउंड में DSP इंडिया फंड ने 40 करोड़ रुपये के 20,51,282 इक्विटी शेयर खरीदे। 360 वन इक्विटी अपॉर्चुनिटीज फंड ने 16 करोड़ रुपये के 8,20,512 शेयर खरीदे।
वेकफिट ने अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान ऑपरेशंस से 724 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया। मुनाफा 35.5 करोड़ रुपये रहा। IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।