जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। एंकर निवेशकों की रिकॉर्ड बोली के बाद खुलते ही कुछ ही मिनटों के भीतर यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर ब्रोकरेज भी सुपर बुलिश हैं। Antique ने इस पर अपनी खास एक रिपोर्ट में जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर सब्सक्राइब करने के 7 बड़े कारण बताए हैं। आइए इसके डिटेल्स पर डालते हैं एक नजर।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर Antique ने सब्सक्राइब करने की सलाह देते हुए कहा है कि टैरिफ हाइक और नए बिजनेस से आगे कंपनी में और ग्रोथ की उम्मीद है। 15% टैरिफ बढ़ोतरी से 190 रुपए प्रति शेयर की वैल्यू अनलॉक होनी संभव है। स्टॉक में आगे करीब 17% अपसाइड की उम्मीद है। होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज से कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिल सकता है। टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट से अतिरिक्त ग्रोथ की संभावना है।
जियो प्लेटफॉर्म्स में सब्सक्राइब करने की 7 वजहें
Antique का कहना है कि JIO का EV/EBITDA 15.6x है। वहीं, भारती इंडिया के लिए 15.7x के करीब है। हेक्साकॉम के 17.7x से इसका वैल्युएशन सस्ता है। FY26-29 में EBITDA CAGR 15% से ज्यादा रहनी संभव है।
2 - टैरिफ हाइक से बढ़ेगी कमाई
भारती के मुकाबले जियो का ARPU करीब 22% कम है। 300 रुपए ARPU तक इंडस्ट्री में टैरिफ हाइक जारी रहने की उम्मीद है। 5 करोड़ जियो भारत यूजर्स के स्मार्टफोन पर शिफ्ट होने से ARPU में बढ़त संभव है।
3 - सब्सक्राइबर्स बढ़ने का मौका
मार्च 2021–मार्च 2026 के बीच जियो के 9.82 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं। वहीं, भारती के 5.19 करोड़ सब्सक्राइबर्स बढ़े हैं। देश में अभी भी 26.1 करोड़ यूजर्स 2G पर हैं। जियो के पास बड़ा मौका है।
4 - होम ब्रॉडबैंड में तेज ग्रोथ
Antique का कहना है कि जियो के 2.86 करोड़ होम सर्विस कनेक्शन, भारती से करीब दोगुना हैं। Q1FY27 में इंडस्ट्री के 62% नेट एडिशन जियो के रहे हैं। हर होम कनेक्शन से मोबाइल के मुकाबले 2.5 गुना ARPU मिलता है। AirFiber पर अनुमानित 26% प्री-टैक्स IRR मिल सकता है।
5 - एंटरप्राइज बिजनेस में बड़ा अवसर
5.1 लाख करोड़ का डिजिटल सर्विसेज मार्केट है। इसमें FY31 तक 18% सालाना ग्रोथ का अनुमान है। देश के 7.9 करोड़ MSMEs में डिजिटल सर्विसेज की पहुंच 3% से कम है। 90% से ज्यादा बैंकों को जियो की सर्विस मिलती है।
6 - टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट से कमाई
कंपनी 5G कोर से जियोभारत फोन तक इन-हाउस टेक्नोलॉजी पर काम करती है। इसके 7220 पेटेंट एप्लिकेशन हैं। 19.7 लाख करोड़ रुपए का संभावित वन-टाइम टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट अवसर है। पहला विदेशी कॉन्ट्रैक्ट शेयर के लिए री-रेटिंग ट्रिगर बन सकता है।
7- मजबूत इंफ्रा से कैपेक्स का दबाव घटा
कंपनी के पास 3.6 लाख टावर और 10 लाख+ रूट-किमी फाइबर नेटवर्क है। सभी 22 सर्कल में तीनों बैंड में 5G स्पेक्ट्रम है। इसके 53% ग्राहक 5G पर हैं। FY24–26 में रेवेन्यू के मुकाबले कैपेक्स 49% से घटकर 23% पर रहा है।
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