Tata Play और ideaForge Tech के IPO को सेबी की हरी झंडी, जानिए दोनों कंपनियों का क्या है प्लान

टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी Tata Play के आईपीओ को भी मार्केट रेगुलेटर सेबी की मंजूरी मिली है। टाटा प्ले भारत की पहली कंपनी है जिसने ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने के लिए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग ऑप्शन का इस्तेमाल किया है। कंपनी ने दिसंबर 2022 में आईपीओ कागजात दाखिल किए थे

अपडेटेड May 02, 2023 पर 9:56 PM
मार्केट रेगुलेट सेबी ने दो कंपनियों के आईपीओ को फंड जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है।

Upcoming IPO : आईपीओ निवेशकों के लिए जरूरी खबर है। मार्केट रेगुलेट सेबी ने दो कंपनियों के आईपीओ को फंड जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है। इनमें ideaForge Technology और Tata Play शामिल हैं। ideaForge Technology मुंबई की कंपनी है जो कि ड्रोन बनाती है। वहीं, Tata Play टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी है। पहले इस कंपनी का नाम टाटा स्काई था। यहां हमने इन दोनों आईपीओ से जुड़ी पूरी डिटेल दी है।

ideaForge Technology आईपीओ

IdeaForge Technology ने इस साल फरवरी में सेबी के पास अपना ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया है। कंपनी को 13 अप्रैल को मार्केट रेगुलेटर से ऑब्जर्वेशन लेटर मिला है। आईपीओ लाने से पहले किसी भी कंपनी के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर हासिल करना जरूरी होता है। ideaForge Technology के आईपीओ के तहत 300 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 48.69 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।


अमरप्रीत सिंह, नंबिराजन शेषाद्री, नरेश मल्होत्रा, सुजाता वेमुरी, सुंदरराजन के पंडालगुडी, A&E इन्वेस्टमेंट LLC, अग्रवाल ट्रेडमार्ट, सेलेस्टा कैपिटल, एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया, इंडसेज टेक्नोलॉजी वेंचर फंड I, क्वालकॉम एशिया पैसिफिक Pte लिमिटेड और सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, प्रमोटर आशीष भट के साथ IPO में सेलिंग शेयरधारक होंगे।

कहां होगा फंड का इस्तेमाल

IdeaForge आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी। इसके अलावा, फंड का उपयोग वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा।

कंपनी के बारे में

मुंबई स्थित IdeaForge की स्थापना साल 2007 में हुई थी। यह भारत भर में मानव रहित हवाई वाहन बनाने वाली स्वदेशी कंपनी है। इसके ड्रोन सर्विलांस और मैपिंग के लिए एवरेज हर पांच मिनट में उड़ान भरते हैं।

Tata Play आईपीओ

टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी Tata Play के आईपीओ को भी मार्केट रेगुलेटर सेबी की मंजूरी मिली है। टाटा प्ले भारत की पहली कंपनी है जिसने ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने के लिए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग ऑप्शन का इस्तेमाल किया है। कंपनी ने दिसंबर 2022 में आईपीओ कागजात दाखिल किए थे और इसे 26 अप्रैल को ऑब्जर्वेशन लेटर हासिल हुआ है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्री-फाइलिंग रूट के तहत कंपनी पर आईपीओ लाने का दबाव नहीं होता है।आमतौर पर कंपनियों को सेबी की मंजूरी या फाइनल ऑब्जर्वेशन से 12 महीने के भीतर आईपीओ लॉन्च करना होता है। जबकि प्री-फाइलिंग रूट में सेबी के फाइनल कमेंट की तारीख से 18 महीने के भीतर आईपीओ जारी किया जा सकता है।

इस रूट में अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) स्टेज तक प्राइमरी इश्यू के साइज को 50 फीसदी तक बदलने की फ्लेक्सिबिलिटी भी है। यह आईपीओ 2500 करोड़ रुपये का हो सकता है। टाटा प्ले देश के सबसे बड़े डायरेक्ट टू होम (DTH) प्लेयर्स में शुमार है। पहले इस कंपनी को टाटा स्काई के नाम से जाना जाता था।

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