Upcoming IPO : आईपीओ निवेशकों के लिए जरूरी खबर है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने चार कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज, Cyient डीएलएम, हेल्थविस्टा इंडिया और राशि पेरिफेरल्स शामिल हैं। इन सभी कंपनियों को पिछले हफ्ते ऑब्जर्वेशन लेटर मिला है। सेबी के नियमों के अनुसार आईपीओ लाने से पहले किसी भी कंपनी के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर हासिल करना जरूरी होता है। यहां हमने इन सभी कंपनियों के आईपीओ से जुड़ी पूरी डिटेल दी है।
Zaggle Prepaid Ocean Services
B2B SaaS फिनटेक कंपनी ज़ैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज ने दिसंबर 2022 में सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। इस आईपीओ के तहत 490 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स और इन्वेस्टर्स द्वारा 1.05 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।
Zaggle की शुरुआत साल 2011 में हुई थी। कंपनी कॉर्पोरेट, SME और स्टार्टअप के बिजनेस खर्चों को मैनेज करने के लिए फाइनेंशियल सॉल्यूशन और प्रोडक्ट तैयार करती है। कंपनी फंड का इस्तेमाल ग्राहक अधिग्रहण के लिए करेगी। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट में, कर्ज के भुगतान में और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए फंड का उपयोग होगा।
इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स डिस्ट्रिब्यूट करने वाली कंपनी राशि पेरिफेरल्स इस आईपीओ के ज़रिए 750 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसके तहत केवल फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे और कोई OFS नहीं होगा। कंपनी ने जनवरी 2023 में आईपीओ के लिए कागजात दाखिल किए थे। कंपनी ने दावा किया कि यह FY20-FY22 के बीच रेवेन्यू ग्रोथ के मामले में भारत में ग्लोबल टेक्नोलॉजी ब्रांडों के लिए सबसे तेजी से बढ़ते नेशनल डिस्ट्रिब्यूशन पार्टनर्स में से एक है।
राशि पेरिफेरल्स 150 करोड़ रुपये के प्राइवेट प्लेसमेंट पर विचार कर सकती है। अगर यह प्री-आईपीओ प्लेसमेंट किया जाता है, तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा। कंपनी सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के अलावा कर्ज के भुगतान और वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए नए फंड का इस्तेमाल करेगी।
Cyient DLM लिस्टेड आईटी सर्विसेज फर्म Cyient की सब्सिडियरी कंपनी है। कंपनी ने जनवरी में 740 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। इसके तहत केवल फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे और OFS नहीं होगा। इसका मतलब है कि इश्यू के खर्चों को छोड़कर पूरे फंड का इस्तेमाल कंपनी द्वारा किया जाएगा। Cyient DLM 148 करोड़ रुपये के प्री आईपीओ प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा।
इश्यू के तहत मिलने वाले फंड का इस्तेमाल इंक्रीमेंटल वर्किंग कैपिटल जरूरतों और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही कर्ज के भुगतान, अधिग्रहण के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी फंड का इस्तेमाल होगा। वर्तमान में इसकी पूरी हिस्सेदारी Cyient के पास है।
हॉस्पिटल हेल्थकेयर प्रोवाइडकरने वाली कंपनी हेल्थविस्टा इंडिया ने पिछले साल जुलाई में अपने आईपीओ के कागजात दाखिल किए हैं। इस आईपीओ के तहत 200 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही कंपनी के निवेशकों द्वारा 5.62 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत की जाएगी।
एक्सेल ग्रोथ III होल्डिंग्स (मॉरीशस), एक्सेल इंडिया III (मॉरीशस), वेंचरईस्ट लाइफ फंड III एलएलसी, एमईएमजी सीडीसी वेंचर्स, क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई लिमिटेड, एक्सेल इंडिया वी (मॉरीशस) और सेबर पार्टनर्स ट्रस्ट इस आईपीओ के सेलिंग शेयरहोल्डर हैं। हेल्थविस्टा का 100 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। इसमें एक्सेल ग्रोथ III होल्डिंग्स (मॉरीशस) की 14.92 फीसदी हिस्सेदारी और एक्सेल इंडिया III (मॉरीशस) की 10.51 फीसदी हिस्सेदारी है और ये कंपनी में सबसे बड़े शेयरधारक हैं।
फंड का इस्तेमाल सब्सिडियरी कंपनी मेडीबिज फार्मा की वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए और कर्ज के भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने के लिए, मार्केटिंग और ब्रांड बिल्डिंग एक्टिविटी के लिए, इनऑर्गेनिक ग्रोथ इनिशिएटिव के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी फंड का उपयोग होगा।