Vibhor Steel Tubes ने SEBI में दाखिल किए IPO कागजात, 66.47 करोड़ रुपये जुटाने का इरादा

Vibhor Steel Tubes IPO : कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 66.47 करोड़ रुपये जुटाने का है। आईपीओ के तहत कंपनी द्वारा केवल फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। हरियाणा स्थित यह कंपनी भारत में कई हैवी इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज के लिए स्टील पाइप और ट्यूब बनाती और निर्यात करती है

अपडेटेड Oct 04, 2023 पर 8:00 PM
Vibhor Steel Tubes अपना आईपीओ लाने जा रही है।

Vibhor Steel Tubes IPO : स्टील पाइप और ट्यूब प्रोडक्ट्स बनाने वाली दो दशक पुरानी कंपनी विभोर स्टील ट्यूब्स अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिया है। कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 66.47 करोड़ रुपये जुटाने का है। आईपीओ के तहत कंपनी द्वारा केवल फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कोई बिक्री नहीं होगी।

कहां होगा फंड का इस्तेमाल

कंपनी आईपीओ से होने वाली आय में से 55 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए करेगी। इसके अलावा, शेष फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। खंबाटा सिक्योरिटीज इस ऑफर के लिए मर्चेंट बैंकर है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करेगी।


जिंदल पाइप्स के साथ एग्रीमेंट हुआ रिन्यू

विभोर स्टील ट्यूब्स ने 1 अप्रैल 2023 से जिंदल पाइप्स के साथ अपने एग्रीमेंट को रिन्यू कर दिया है। इसके तहत मंथली कार्ड रेट्स के आधार पर जिंदल पाइप्स और उसके अप्रुव्ड कस्टमर्स को जिंदल स्टार ब्रांड के तहत तैयार माल का निर्माण और सप्लाई किया जाता है। इस समझौते का कार्यकाल छह साल के लिए है और दोनों पक्षों द्वारा जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी रिन्यू किया जा सकता है।

कंपनी के बारे में

हरियाणा स्थित यह कंपनी भारत में कई हैवी इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज के लिए स्टील पाइप और ट्यूब बनाती और निर्यात करती है। इनका इस्तेमाल फ्रेम और शाफ्ट, साइकिल फ्रेम, फर्नीचर, शॉकर और स्ट्रक्चरल और इंजीनियरिंग के लिए किया जाता है। विभोर स्टील अपना बिजनेस दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के साथ संचालित करती है। पहली यूनिट महाराष्ट्र के रायगढ़ में हैं, जिसके जरिए 100 फीसदी एक्सपोर्ट सेल्स होती है। दूसरी यूनिट तेलंगाना के महबूबनगर जिले में स्थित है।

कंपनी का फाइनेंशियल

पिछले वित्त वर्ष में इसका वित्तीय प्रदर्शन बेहतर रहा है। मार्च FY22 में समाप्त वर्ष में नेट प्रॉफिट 11.33 करोड़ रुपये से बढ़कर FY23 में 21.06 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, ऑपरेशन से राजस्व इसी अवधि के दौरान 818 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,113.12 करोड़ रुपये हो गया।

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