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भारतीय शेयर बाजार में बुल रन जारी, दिग्गजों से जानिए क्या अभी और बढ़ेगी तेजी

मार्च 2020 के निचले स्तर से एनएसई का निफ्टी50 इंडेक्स दोगुने से ज्यादा बढ़ चुका है। यह इस अवधि में दुनिया के सबसे बेस्ट परफॉर्मर में से एक रहा है।
अपडेटेड Jul 25, 2021 पर 15:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ट्रेडर्स का मानना है कि मंहगाई की बढ़ती चिंता के बावजूद मौद्रिक नीति में नरमी जारी रहेगी। जिसके चलते बाजार में अभी हमें तेजी जारी रहती नजर आएगी।


मार्च 2020 के निचले स्तर से एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स दोगुने से ज्यादा बढ़ चुका है। यह इस अवधि में दुनिया के सबसे बेस्ट परफॉर्मर में से एक रहा है। इस अवधि में निफ्टी लगभग हर महीने में रिकॉर्ड हाई लगाता दिखा है। निफ्टी इस महीने एशिया के भी टॉप गेनर में रहा है।


दूसरे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक के विपरीत भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति पर नरमी का रुख बनाए रखा है। विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजारों में रुचि बनाए हुए  हैं। इस साल अब तक भारत में करीब 7 डॉलर का विदेशी निवेश आ चुका है। Bloomberg के आकंड़ो के मुताबिक यह किसी इमरजिंग मार्केट में हुआ सबसे बड़ा विदेशी निवेश का आंकड़ा है।


GW&K Investment Management के Tom Masi और Nuno Fernandes का कहना है कि आरबीआई ने अपनी मौद्रिक पॉलिसी में  नरमी बनाए रखी है और उम्मीद है कि अगले  आने वाले  महीनों में भी आरबीआई का यही रुख कायम रहेगा जिससे शेयर बाजार को सपोर्ट मिलेगा।


बाजार जानकारों का कहना है कि मई और जून महीनों मे Consumer prices  में 6 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है। इसकी वजह से बैंक डिपॉजिट जैसे परंपरागत सोर्स से मिलने वाले रिटर्न को चोट पहुंची है। अब इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स कमाई के वैकल्पिक स्रोत की खोज में स्टॉक मार्केट की तरफ रुख कर रहे हैं।


बाजार दिग्गजों का मानना है कि बाजार में हमें आगे भी रिटेल इन्वेस्टरों की भागीदारी में बढ़त देखने को मिलेगी। सेबी के आंकड़ो के मुताबिक मार्च 2021 में समाप्त वित्तवर्ष में 1.4 करोड़ नए  डीमैट अकाउंट खुले हैं। जानकारों का कहना है  कि आगे हमें यह संख्या और बढ़ती दिखेगी।


सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि कम ब्याज दर और बाजार में नकदी की पर्याप्त उपलब्धता स्टॉक मार्केट की तेजी में अहम योगदान दे रही है। नरम मौद्रिक नीतियों में आगे कोई बदलाव मार्केट पर अपना प्रभाव डाल सकता है।


गौरतलब है कि  आरबीआई ने पिछले मई से ब्याज दरों को रिकॉर्ड लो पर बनाए रखा है और बैंकिंग सिस्टम में अभूतपूर्व नकदी डाली है। जिसकी वजह से बाजार में नकदी का प्रवाह काफी ज्यादा है। इसका इक्विटी मार्केट की तेजी में अहम योगदान है।


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