Stock market : 15 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में बाजार नया हाई लगाता दिखा। निफ्टी पहली बार 20000 का स्तर पार कर गया। मजूबत घरेलू फंडामेंटल्स, अमेरिका में महंगाई में नरमी, चाइनीज इकोनॉमी में नरमी के संकेत और यूएस फेड की तरफ से दरों में बढ़त पर विराम की उम्मीद से बाजार को सपोर्ट मिला। सप्ताह के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1.86 फीसदी या 1239.72 अंक बढ़कर 67838.63 पर और निफ्टी 1.87 फीसदी या 372.35 अंक बढ़कर 20192.30 पर बंद हुआ। हालांकि, बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स 1 फीसदी और 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ दबाव में रहे। जबकि बीएसई लार्जकैप इंडेक्स में 1.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि इस हफ्ते बाजार को पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से भी सपोर्ट मिला। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और महंगाई से जुड़ी चिंताओं ने हफ्ते के शुरुआत में बाजार पर दबाव बनाया। लेकिन मजबूत घरेलू इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों और महंगाई में नरमी की खबर ने बाजार का मूड सुधार दिया। जिससे बाजार नई ऊंचाई हासिल करता दिखा। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में ऑलटाइम हाई पर पहुंचने के बाद ओवरवैल्यूएशन की चिंता हावी हो गई। इसके कारण इनमें मुनाफावसूली शुरू हो गई। निवेशकों की नजर अब आने वाले आंकड़ों और अगले हफ्ते होने वाली यूएस फेड रिजर्व, बीओई और बीओजे जैसे केंद्रीय बैंकों की बैठकों पर लगी हुई हैं।
अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 7.2 फीसदी, निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 3 फीसदी, निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.3 फीसदी और निफ्टी फार्मा और ऑटो इंडेक्स 2 फीसदी बढ़कर बंद हुए थे। वहीं, निफ्टी मीडिया इंडेक्स 3.6 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1 फीसदी गिर कर बंद हुए थे।
बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। सबसे ज्यादा गिरावट बीएफ यूटिलिटीज, अग्रवाल इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन, साधना नाइट्रोकेम, फेडरल-मोगुल गोएट्ज़, हेरिटेज फूड्स, हिमाद्रि स्पेशलिटी केमिकल, सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स, पोकर्ण, सूर्या रोशनी, आलोक इंडस्ट्रीज, स्टाइलम इंडस्ट्रीज, भारत डायनेमिक्स, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, मिसेज बेक्टर्स फ़ूड स्पेशलिटीज़ और ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन में देखने को मिली थी।
दूसरी ओर आईटीआई, जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर, राणे मद्रास, एंड्रयू यूल एंड कंपनी, सिंटेक्स प्लास्टिक टेक्नोलॉजी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मैराथन नेक्स्टजेन रियल्टी, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, वी2 रिटेल और पीडीएस में 16-58 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी।
उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली लगातार आठवें हफ्ते जारी रही और उन्होंने 746.62 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इस हफ्ते 3363.36 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना है कि यूएस ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के चलते ग्लोबल इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट सुधरा है। हमारे बाजारों पर भी इसका अच्छा असर देखने को मिला है। डेली और वीकली चार्ट पर निफ्टी ने एक ब्रेकआउट कंटिन्यूएशन फॉर्मेशन बनाया है। इससे शॉर्ट टर्म में तेजी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि बाजार का ओवरऑल ट्रेंड तेजी का है। ये अस्थायी रूप से ओवरबॉट दिख रहा है। ऐसे में हमें ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 20075 और 20000 पर सपोर्ट दिख रहा है। जबकि 20300-20375 पर रजिस्टेंस दिख रहा है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि नई ऊंचाई पर पहुंचने के साथ ही निफ्टी का मजबूत का प्रदर्शन जारी रहा। 20100 पर मजबूत पुट राइटिंग देखने को मिली है जिससे बाजार में तेजी कायम रहने के संकेत मिल रहे हैं। जब तक निफ्टी 20000 के ऊपर टिका रहेगा तब तक इसका रुझान पॉजिटिव बने रहने की उम्मीद है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के ऊपर की ओर 20480-20500 रेंज की ओर बढ़ता दिख सकता है।
उधर बैंक निफ्टी के भी ऑलटाइम हाई पर पहुंचने से बाजार में तेजी की उम्मीद मजबूत हुई है। 46000 पर पुट राइटर्स की भारी उपस्थिति से इंडेक्स को ऊपर जाने के लिए सपोर्ट बना हुआ। जब तक बैंक निफ्टी 46000 अंक से ऊपर रहेगा तब तक इसमें तेजी का रुझान बने रहने का अनुमान है। शॉर्ट टर्म में बैंक निफ्टी के ऊपर की ओर 46700 और 47000 के स्तर जाता दिख सकता है।
शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि बाजार का शॉर्ट टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, पिछले तीन कारोबारी सत्रों से बनी जोरदार तेजी को देखते हुए हमें सतर्क रहने और किसी करेक्शन के लिए तैयार रहना चाहिए। 20050 - 20000 के स्तर पर निफ्टी के लिए बड़ा सपोर्ट है। जबकि 20200 - 20250 पर इसके लिए तत्काल रजिस्टेंस दिख रहा है।
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