Adani Group News: विदेशी निवेश के नियमों का उल्लंघन? SEBI की जांच में यह बात आई सामने

Adani Group News: अदाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश को लेकर एक अहम मोड़ आया है। बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने अपनी जांच में पाया है कि इन कंपनियों में निवेश किए गए एक दर्जन ऑफशोर फंड डिस्क्लोजर रूल्स का उल्लंघन और निवेश सीमा का उल्लंघन थे। सेबी और अदाणी ग्रुप ने इस मामले को लेकर भेजे गए मेल का अभी तक कोई जवाब नहीं भेजा है

अपडेटेड Apr 23, 2024 पर 8:42 AM
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बाजार नियामक SEBI ने इस साल की शुरुआत में Adani Group के करीब एक दर्जन ऑफशोर इनवेस्टर्स को चार्जेज बताते हुए नोटिस भेजा था और उनसे डिस्क्लोजर वॉयलेशन और निवेश सीमा के उल्लंघन पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।

Adani Group News: अदाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश को लेकर एक अहम मोड़ आया है। बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने अपनी जांच में पाया है कि इन कंपनियों में निवेश किए गए एक दर्जन ऑफशोर फंड डिस्क्लोजर रूल्स का उल्लंघन और निवेश सीमा का उल्लंघन थे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दो सूत्रों ने दी है। सेबी और अदाणी ग्रुप ने इस मामले को लेकर भेजे गए मेल का अभी तक कोई जवाब नहीं भेजा है। इस मामले में सेबी अदाणी ग्रुप के फंडों के साथ संबंधों की जांच कर रहा है कि क्या इसमें शेयरधारकों के साथ काम करने के रूप में देखा जा सकता है? इस आरोप से अदाणी ग्रुप पहले ही इनकार कर चुका है।

SEBI ने भेजा था नोटिस

सूत्रों ने बताया कि बाजार नियामक सेबी ने इस साल की शुरुआत में अदानी ग्रुप के करीब एक दर्जन ऑफशोर इनवेस्टर्स को चार्जेज बताते हुए नोटिस भेजा था और उनसे डिस्क्लोजर वॉयलेशन और निवेश सीमा के उल्लंघन पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सूत्र के मुताबिक ऑफशोर फंड्स अदाणी ग्रुप की कंपनियों में अपने निवेश की जानकारी इंडिविजुअल फंड लेवल पर दे रहे थे। हालांकि सेबी चाहता था कि ऑफशोर फंड ग्रुप लेवल पर होल्डिंग का खुलासा हो। सूत्र के मुताबिक इनमें से 8 ऑफशोर फंड्स ने सेबी के पास लिखित अनुरोध किया है कि सभी चार्जेज को पेनाल्टी लेकर सुलझा लिया जाए और इसमें किसी अपराध की बात न हो।


16 सेटलमेंट एप्लीकेशन हुई है दायर

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अल्बुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड, MGC फंड, एशिया इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन (मॉरीशस), APMS इनवेस्टमेंट फंड, एलारा इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड, वेस्पेरा फंड और LTS इनवेस्टमेंट फंड के कानूनी प्रतिनिधियों ने SEBI को कुल 16 सेटलमेंट एप्लीकेशन दायर की हैं। रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कहा गया है कि कारण बताओ नोटिस फरवरी 2024 में जारी किए गए थे। कई अन्य FPIs भी सेटलमेंट एप्लीकेशन जमा करने की योजना बना रहे हैं।

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