रुपये में मजबूती से बाजार में रौनक तो आई, लेकिन बाजार में रिकवरी की खास वजह रही सरकार का अतिरिक्त उधारी में कटौती का फैसला। सरकार 50 हजार करोड़ के बजाए सिर्फ 20 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त उधार लेगी। इकोनॉमिक अफेयर्स सचिव ने ये साफ किया है कि सरकार ने अतिरिक्त उधार की रकम में 30 हजार करोड़ रुपये घटाए हैं।
