रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज इकाई जियो ने बड़ा प्लान बनाया है। कंपनी का टारगेट वित्त वर्ष 2031 तक भारत की अनुमानित 1.4 लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा हासिल करना है। इसके लिए कंपनी अपने बड़े सब्सक्राइबर बेस, 5जी एक्सपैंशन और 5जी क्षमता का इस्तेमाल करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के मेगा आईपीओ से पहले इस बारे में बताया।
जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम
अंबानी ने कहा कि जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम है। उन्होंने बताया कि 2016 में कंपनी की टेलीकॉम मार्केट में एंट्री के बाद देश में डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया है। अभी इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा जियो के पास है। इस साल जून के अंत में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 53.33 करोड़ थी। इसमें 5जी के 28.5 करोड़ यूजर्स शामिल हैं।
प्रति यूजर एवरेज मंथली डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रति यूजर एवरेज मंथली डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी था। अंबानी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि FY31 तक भारत की डिजिटल इकोनॉमी 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी। इसका बड़ा हिस्सा हमारे पास होगा।" उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े मौके हैं।
आईपीओ से पहले कंपनी का अच्छा प्रदर्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस महीने आ रहा है। इससे पहले कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। FY26 में कंपनी का EBITDA 76,225 करोड़ रुपये रहा। FY24 और FY26 के बीच एबिड्टा की सीएजीआर 17.8 फीसदी रही। कंपनी का एबिड्टा मार्जिन इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 53.3 फीसदी रहा।
जियो की स्ट्रेटेजी टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित
अंबानी ने कहा कि जियो की स्ट्रेटेजी टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है। मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और इंटरनेशनल सर्विसेज कंपनी के लिए तीन प्रमुख ग्रोथ इंजन हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मार्केट में जियो की एंट्री के बाद देश में इंटरनेट की स्पीड में बड़ा बदलाव आया है।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।