Alok Industries के शेयरों में 20% का अपर सर्किट, RIL ने प्रेफरेंशियल शेयरों के जरिए डाले 3300 करोड़ रुपये

आलोक इंडस्ट्रीज ने अपनी पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को 3,300 करोड़ रुपये के प्रेफरेंशियल शेयर जारी किए हैं। इसके तहत RIL को 9 फीसदी प्रति वर्ष की दर से डिविडेंड का भुगतान होगा। इसके अलावा, प्रेफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट की तारीख से 20 वर्ष की अवधि तक किसी भी समय रिडीम किए जा सकेंगे

अपडेटेड Jan 02, 2024 पर 8:01 PM
Alok Industries के शेयरों में आज 2 जनवरी को 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा है।
     
     
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    Alok Industries के शेयरों में आज 2 जनवरी को 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा है। यह स्टॉक आज BSE पर 25.86 रुपये के भाव पर बंद हुआ है, जो कि इसका 52-वीक हाई है। दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 3300 करोड़ रुपये के नॉन-कनवर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंशियल शेयरों को सब्सक्राइब किया है। इसका मतलब है कि RIL ने कंपनी में प्रेफरेंशियल शेयरों के जरिए 3300 करोड़ रुपये डाले हैं। इस खबर के बीच निवेशकों ने स्टॉक में जमकर दांव लगाया। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 12,840.11 करोड़ रुपये हो गया है।

    आलोक इंडस्ट्रीज ने अपनी पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को 3,300 करोड़ रुपये के प्रेफरेंशियल शेयर जारी किए हैं। इसके तहत RIL को 9 फीसदी प्रति वर्ष की दर से डिविडेंड का भुगतान होगा। इसके अलावा, प्रेफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट की तारीख से 20 वर्ष की अवधि तक किसी भी समय रिडीम किए जा सकेंगे।

    2020 में किया गया था अधिग्रहण


    रिलायंस इंडस्ट्रीज कपड़ा बनाने वाली कंपनी में प्रमोटर है। 2020 में, RIL ने जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ मिलकर आलोक इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण कर लिया था, जिसे लेनदारों को बकाया राशि वसूलने के लिए इनसॉल्वेंसी प्रोसेस के माध्यम से नीलाम किया गया था।

    सितंबर तिमाही के अंत तक RIL के पास आलोक इंडस्ट्रीज में 40.01 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के पास 34.99 फीसदी हिस्सेदारी थी।

    घाटे में चल रही है कंपनी

    आलोक इंडस्ट्रीज घाटे में चल रही कंपनी बनी हुई है। हालांकि, कंपनी इस घाटे को कम करने में कामयाब रही है। सितंबर में समाप्त तिमाही में कंपनी को 175 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ, जबकि एक साल पहले 192 करोड़ रुपये और एक तिमाही पहले 226 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू एक साल पहले की अवधि से 20% कम हो गया, और तिमाही आधार पर लगभग 4% घटकर 1,359 करोड़ रुपये हो गया।

    (डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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