शेयर बाजारों पर पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव बना हुआ है। सवाल है कि इस दबाव के बीच कहां निवेश करने पर होगी कमाई? इस सवाल का जवाब अल्फा कैपिटल के सीनियर पार्टनर मुकेश जिंदल ने दिया। उनका कहना है कि अभी हाई क्वालिटी बैंक शेयरों में निवेश का बड़ा मौका है। उन्होंने इसके पीछ की वजह भी बताई।
बैंकों की सेहत लंबे समय बाद इतनी अच्छी
जिंदल ने कहा कि क्रेडिट ग्रोथ स्ट्रॉन्ग है। एसेट क्वालिटी लंबे समय बात इतनी अच्छी है। बैंक निफ्टी अभी काफी सही लेवल पर है। उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स को अपना पैसा उन बैंकों के शेयरों में लगाना चाहिए, जिनका डिपॉजिट लेवल अच्छा है और बुक क्लीन है। पूरे बैंकिंग सेक्टर की सेहत काफी अच्छी दिख रही है। हालांकि, बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों में पीएसयू बैंकों के मुकाबले कम तेजी दिखी है।
टेलीकॉम सहित ये सेक्टर्स भी अट्रैक्टिव
उन्होंने टेलीकॉम को निवेश के लिए दूसरा अट्रैक्टिव सेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि अब फोकस सब्सक्राइबर्स बढ़ाने की जगह मौजूदा सब्सक्राइबर्स से कमाई बढ़ाने पर है। इसके अलावा डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश के मौके दिख रहे हैं। इन सेक्टर्स में पूंजीगत खर्च बढ़ रहा है। शेयर बाजारों में आई गिरावट के बाद यह पोर्टफोलियो की क्वालिटी बढ़ाने का सही मौका है।
जीएसटी में राहत के बाद बढ़ेगी इंश्योरेंस में दिलचस्पी
क्या बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में निवेश का मौका है? इस सवाल के जवाब में जिंदल ने कहा कि उनका दोनों सेक्टर पर पॉजिटिव नजरिया है, लेकिन उन्हें बैंक ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहे हैं। बैंकों के शेयर सस्ते लग रहे हैं। हालांकि, इंश्योरेंस एक लंबी स्टोरी है। इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की पहुंच अभी आबादी के सीमित हिस्से तक है। जीएसटी से राहत मिलने के बाद इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में दिलचस्पी बढ़ेगी।
क्रूड 100 डॉलर से ऊपर रहने पर बढ़ सकती है मुश्किल
क्या इनफ्लेशन मुश्किल बढ़ा सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में उछाल से इनफ्लेशन बढ़ रहा है। क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बने रहने पर अगर पेट्रोल, डीजल की कीमतें बढ़ाई जाती हैं और फ्रेट महंगा होता है तो रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी या इससे ऊपर जा सकता है। हालांकि, क्रूड के फिर से 100 डॉलर के पार जाने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं।