Astron Multigrain IPO Listing: मल्टीग्रेन इंस्टैंट नूडल्स बनाने वाली एस्ट्रॉन मल्टीग्रेन के शेयरों की आज भारी डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स का हिस्सा तो आधा ही भरा था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरसब्सक्राइब हो पाया। आईपीओ के तहत ₹63 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹ 50.40 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी पूंजी ही 20% घट गई। इसके बाद टूटकर यह ₹47.88 (Astron Multigrain Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 24% घाटे में हैं।
Astron Multigrain IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एस्ट्रन मल्टीग्रेन का ₹18.40 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.50 गुना तो खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित बाकी आधा हिस्सा 1.94 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹14.74 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5.80 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹4.46 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹5.65 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Astron Multigrain के बारे में
एस्ट्रन मल्टीग्रेन इंस्टैंट नूडल्स बनाती है। यह गोकुल स्नैक्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर नूडल्स बनाती है जो इसे अपने ब्रांड नाम से बेचती है। इसके अलावा एस्ट्रन खुद अपने ब्रांड नाम एस्ट्रन्स स्वैगी नूडल्स से भी इसकी बिक्री करती है। सकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात के राजकोटक के गोंडाल में है। इसका कारोबार मुख्य रूप से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में फैला हुआ है। यह अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री सुपर स्टॉकिस्ट को करती है जो फिर इसे होलसेलर्स और फिर डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए रिटेलर्स को बेचा जाता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.24 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.98 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹2.31 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 31% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹33.92 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-अक्टूबर 2025 में कंपनी को ₹2.11 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹23.58 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। अक्टूबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹3.42 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.36 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।