मोदी सरकार का बड़ा फैसला, फुटकर और थोक व्यापार को MSMEs में किया शामिल

फुटकर और थोक व्यापारियों के लिए मोदी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इन्हें MSME में शामिल किया है

अपडेटेड Jul 19, 2021 पर 4:24 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फुटकर एवं थोक व्यापार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (Micro, Small and Medium Enterprises(MMSME) के तहत लाने के फैसले को शनिवार को ऐतिहासिक बताया और कहा कि उनकी सरकार इस वर्ग को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

फुटकर एवं थोक व्यापार को MSME के तहत लाने के फैसले के कारण फुटकर और थोक व्यापारियों को भी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से प्राथमिकता प्राप्त श्रेणी में कर्ज उपलब्ध हो सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा है कि हमारी सरकार ने खुदरा एवं थोक व्यापार को एमएसएमई में शामिल करने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। इससे हमारे करोड़ों व्यापारियों को आसानी से लोन मिलने में मदद मिलेगी। उन्हें कई अन्य लाभ मिलेंगे और उनके कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। हम हमारे व्यापारियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुक्रवार को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने फुटकर और थोक व्यापार को एमएसएमई के तहत लाने कीघोषणा की थी। इससे ये क्षेत्र भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India(RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बैंकों की प्राथमिकता प्राप्त श्रेणी के तहत कर्ज प्राप्त कर सकेंगे।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार के इस फैसले ने 250 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाले छोटे फुटकर एवं थोक विक्रेताओं पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा और उन्हें आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं के तहत तत्काल कर्ज मिल सकेगा।

खुदरा एवं व्यापार संघों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि इससे कोविड-19 के कारण बुरी तरह प्रभावित कारोबारियों को पूंजी मिल सकेगी, जिसकी उन्हें बहुत जरूरत है।

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