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BIG MARKET VOICES: बैंकिंग संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, इंफ्रा, मैन्युफैक्चरिंग जैसे घरेलू थीम्स पर करें फोकस- मिहिर वोरा

BIG MARKET VOICES में Max Life Insurance के डायरेक्टर और CIO मिहिर वोरा सीएनबीसी-आवाज़ से कहा कि बैंकिंग संकट अभी पूरी तरफ से खत्म नहीं हुआ है। फिर भी हमें लगता है कि लंबी अवधि में भारतीय बाजार अच्छा प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल बैंकिंग संकट के बावजूद SIP, इंश्योरेंस, NPS, EPF में फंड फ्लो स्थिर नजर आ रहा है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Mar 22, 2023 पर 11:12 AM
BIG MARKET VOICES: बैंकिंग संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, इंफ्रा, मैन्युफैक्चरिंग जैसे घरेलू थीम्स पर करें फोकस- मिहिर वोरा
मिहिर वोरा ने कहा कि घरेलू सेक्टर्स पर निवेशकों को ज्यादा फोकस करना चाहिए। इंफ्रा, मैन्युफैक्चरिंग के अलावा फाइनेंस और कैपिटल एक्सपेंडिचर जैसे थीम इन्हें पसंद हैं

फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले आज बाजार में खरीदारी का मूड नजर आ रहा है। निफ्टी 17150 के करीब कारोबार कर रहा है। वहीं बैंक निफ्टी में भी तेजी नजर आ रही है। जबकि मिडकैप और स्मॉल कैप में ज्यादा मजबूती दिखाई दी है। सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक के शेयर 2% से ज्यादा उछल गये। वहीं मेटल, ऑटो और IT शेयरों में भी रौनक नजर आई है। बाजार के इस माहौल में आज BIG MARKET VOICES में हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ Max Life Insurance के डायरेक्टर और CIO मिहिर वोरा ने बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार लंबी अवधि में अच्छा परफॉर्म करेंगे।

लंबी अवधि में अच्छा करेंगे भारतीय बाजार

मिहिर वोरा ने वैश्विक स्तर पर बाजारों पर संकट लाने वाले अमेरिकी और यूरोपीय बैंकिंग संकट पर बात करते हुए कहा कि बाजार पर US और यूरोपीय बैंकिंग संकट का असर फिलहाल नजर आ रहा है। लेकिन फिर भी हमारा मानना है कि लंबी अवधि में भारतीय बाजार अच्छा परफॉर्म करेंगे। उन्होंने कहा कि बैंकिंग संकट के बावजूद SIP, इंश्योरेंस, NPS, EPF में फंड फ्लो स्टेबल नजर आया है। वहीं भारत में बचत को लेकर लोगों का नजरिया बदला है।

फेड दरें नहीं बढ़ाएगा तो उसकी साख को लगेगा धक्का

मिहिर ने कहा कि अमेरिका में महंगाई की समस्या अभी भी बनी हुई है। लिहाजा माना जा रहा है कि फेड 0.25% ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वहीं दूसरी तरफ फेड दरें नहीं बढ़ाएगा तो उसकी साख को धक्का लगेगा। जबकि फेड 0.50 दरें बढ़ाएगा तो बाजार को झटका लगेगा। इस समय दुनियाभर में महंगाई घटाने पर फोकस है क्योंकि दुनियाभर में लिक्विडिटी घट रही है।

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