Bosch Share Price: मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक कंपनी बॉश के शेयर आज 5% से अधिक उछलकर ₹50 हजार के पार रिकॉर्ड हाई पर चले गए। बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट के प्रस्ताव को लेकर होने वाली बोर्ड की बैठक से पहले शेयरों ने यह माइलस्टोन छुआ है। 6 नवंबर को बोर्ड की बैठक में 22 साल में पहली बार स्टॉक स्प्लिट से जुड़े प्रस्ताव पर विचार होगा तो कंपनी ने कभी बोनस इश्यू नहीं जारी किया है। अब शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो आज बीएसई पर यह 3.77% की बढ़त के साथ ₹49700.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 5.37% उछलकर ₹50,470.05 तक पहुंचा था।
22 साल पहले भी टूटा था Bosch का शेयर
शनिवार 6 नवंबर को बॉश के बोर्ड की बैठक में 22 साल बाद फिर स्टॉक स्प्लिट के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इससे पहले जुलाई 2004 में कंपनी ने ₹100 की फेस वैल्यू वाले एक शेयरों को ₹10 की फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में तोड़ा था।
शनिवार की बैठक में बोनस इश्यू के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इससे पहले बॉश ने कभी बोनस शेयर नहीं जारी किया है।
डिविडेंड की बात करें तो ऑटो कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को हर साल डिविडेंड बांटा है। 18 साल में कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को हर शेयर पर करीब ₹3000 का डिविडेंड दिया है।
पिछले 20 वर्षों में कंपनी ने दो बार शेयर बायबैक किया है। साल 2016 में कंपनी ने ₹202 करोड़ के शेयरों का बायबैक किया था और इसके तहत प्रति शेयर ₹23,000 के भाव पर टेंडर ऑफर रूट के जरिए करीब 9 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदे थे। इसके बाद फरवरी 2019 में 10 लाख से अधिक शेयर भी टेंडर ऑफर रूट के जरिए ₹21000 के भाव पर ₹2156 करोड़ के शेयरों को बायबैक किया था।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
बॉश के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹28,650.05 पर थे। इस निचले स्तर पर शेयर संभले और आठ ही महीने में यह 76.16% उछलकर आज 3 नवंबर 2026 को ₹50,470.05 पर पहुंच गए जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।