BPCL share price : भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (Bharat Petroleum Corp Ltd) को मनीकंट्रोल के एनालिस्ट ट्रैकर में कॉन्ट्रेरियन डाउनग्रेड के तौर पर दिखाया गया है। ये स्टॉक को लेकर के उम्मीदों में गिरावट के बावजूद हाल ही में स्टॉक प्राइस में तेजी आने का संकेत है। पिछले महीने इस ऑयल मार्केटिंग कंपनी के शेयर में 22 फीसदी की बढ़त हुई। हालांकि इस अवधि में स्टॉक के लिए 'Buy'कॉल 25 से घटकर 22 हो गई हैं। जबकि 'होल्ड' और 'सेल' कॉल 4 और 5 से बढ़कर 5 और 7 हो गई हैं। स्टॉक को लेकर बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है, जो 'सतर्कता के साथ तेजी की उम्मीद' के मूड की खासियत है।
कम ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) और कमजोर मार्केटिंग मार्जिन के कारण भारत पेट्रोलियम के तीसरी तिमाही के नतीजे विश्लेषकों के अनुमान से कमजोर रहे। पहली छमाही के रिकॉर्ड तेजी के बावजूद तीसरी तिमाही के मुनाफे में गिरावट आई। कंपनी की तीसरी तिमाही की रिफाइनिंग थ्रूपुट तिमाही आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 9.9 एमएमटी हो गई, जिसमें जीआरएम 13.4 डॉलर प्रति बीबीएल रहा, जो अनुमान से कहीं ज्यादा है।
हालांकि सिंगापुर जीआरएम का औसत 6.5 डॉलर प्रति बैरल है लेकिन लॉन्ग टर्म में इस स्तर के कायम रहने में संदेह है। विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 24/25/26 में BPCL का GRM 13.1/6/6/ डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। मुंबई/बीना/कोच्चि जीआरएम 39.3 फीसदी/25.7 फीसदी/23.6 फीसदी कमजोर रहा। निर्मल बंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक 369 करोड़ रुपये की मार्केटिंग इन्वेंट्री हानि के बावजूद कंपनी के कर बाद मुनाफे में अन्य आय में 51 फीसदी की बढ़त और ब्याज लागत में गिरावट के कारण मजबूती रही है।
बीपीसीएल का मार्केटिंग मार्जिन दूसरी तिमाही के 7 रुपये प्रति लीटर से घटकर तीसरी तिमाही में 4.2 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस पर डीजल मार्जिन में कमी और इन्वेंट्री लॉस का असर देखने को मिला। ब्याज लागत में तिमाही दर तिमाही काफी गिरावट आई है लेकिन उच्च मूल्यह्रास (higher depreciation) और कम अन्य आय ने इस कटौती की भरपाई कर दी। मुंबई और कोच्चि में रिफाइनरी अपग्रेडेशन के पूरा होने और बीना में पेट्रोकेमिकल और रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है।
आईओसीएल और एचपीसीएल के मुकाबले वैल्यूएशन प्रीमियम रह सकता है सीमित
जेपी मॉर्गन का कहना है कि बेहतर आरओई (रिटर्न ऑन इक्विटी) और असेट क्वालिटी मैनेजमेंट के कारण ऐतिहासित प्रीमियम पर कारोबार करने के बावजूद, आईओसीएल (IOCL) के आक्रामक पेट्रोकेमिकल विस्तार योजनाओं के कारण आईओसीएल और एचपीसीएल (HPCL) के मुकाबले बीपीसीएल का वैल्यूएशन प्रीमियम सीमित रह सकता है।
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