ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) का अनुमान है कि 2 रुपये प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस के जरिये जोमैटो (Zomato) के प्रॉफिट या EBITDA में 40.50 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कंपनी के कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन (CM) में 0.16 पर्सेंट की बढ़ोतरी हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इससे जोमैटो को मीडियम टर्म में 8 पर्सेंट कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन हासिल करने में मदद मिल सकती है। यह मार्जिन ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) का 8 पर्सेंट होगा।
कोटक का कहना है कि बिजनेस के विस्तार और लागत को नियंत्रित करने संबंधी कोशिशों से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के अलग-अलग सेगमेंट मुनाफे की तरफ बढ़ेंगे। जहां तक ब्लिनकिट (Blinkit) का सवाल है, तो जोमैटो (Zomato) ने पिछली 4-5 तिमाहियों में डार्क स्टोर की संख्या घटाई है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में प्रति स्टोर रेवेन्यू में सालाना आधार पर 149 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का जोर अगली 1-2 तिमाहियों में पॉजिटिव कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन हासिल करने को लेकर है।
कोटक की रिपोर्ट में कहा गया है, 'ब्लिनकिट (Blinkit) और हाइपरप्योर (Hyperpure) की परफॉर्मेंस पर फोकस से कंपनी के मुनाफे में अनुमान से ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। हमने फाइनेंशियल ईयर 2024-26 के लिए EBITDA अनुमान में 21-52 पर्सेंट और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ईपीएस अनुमानों में 97-177 पर्सेंट की बढ़ोतरी की है।'
जोमैटो ने 2022 में बताया था कि उसके पास 27 लाख हाई-फ्रीक्वेंसी कस्टमर्स हैं यानी ऐसे कस्टमर जिन्होंने हर साल 50 से ज्यादा ऑर्डर किए हैं। जोमैटो ने प्लैटफॉर्म फीस की शुरुआत अगस्त में की थी। इससे पहले स्विगी (Swiggy) ने खास यूजर्स के लिए इसी तरह की पहल की थी।
जोमैटो का इरादा इस फीस को सभी जगहों पर लागू करने का है। जोमैटो के मुताबिक, इस फीस का मकसद कंपनी के प्लेटफॉर्म के ऑपरेशनल खर्चों के लिए मदद हासिल करना है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के लिए 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और अपना टारगेट प्राइस 105 रुपये प्रति शेयर से बढ़ाकर 110 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।