Stocks on Broker's Radar: टाटा कंज्यूमर (TATA CONSUMER) के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे। कंपनी की आय साढ़े 9 परसेंट बढ़ी। 91 करोड़ के exceptional loss के चलते मुनाफा घट गया। लेकिन मार्जिन में 2 परसेंट का उछाल दिखा। Soulfull, Sampann और NourishCo की अच्छी ग्रोथ से कंपनी को सहारा मिला। मॉर्गन स्टैनली ने नतीजों के बाद इस पर ओवरवेट कॉल दी है। वहीं तीसरी तिमाही में पावर ग्रिड (POWER GRID) का मुनाफा 10.5% बढ़ा। कंपनी की आय में 2.6% का मामूली उछाल दिखा। कंपनी की मार्जिन फ्लैट रही। कंपनी ने 4.50 रुपए के डिविडेंड का भी ऐलान किया है। सीएलएसए ने इस पर आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। इसके अलावा फार्मा कंपनी ल्यूपिन (LUPIN) ने तीसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किये। कंपनी की आय रिकॉर्ड ऊंचाई पर रही। कंपनी का मुनाफा तीन गुना बढ़ा। मार्जिन में 8 परसेंट का उछाल दिखा। भारत और अमेरिकी कारोबार में अच्छी ग्रोथ से सहारा मिला। इस स्टॉक पर मैक्यावरी ने आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। जानते हैं ब्रोकरेजेज के रडार पर आये तीनों स्टॉक्स के लिए ब्रोकरेज फर्मों ने क्या दिया टारगेट प्राइस-
MORGAN STANLEY ON TATA CONSUMER
मॉर्गन स्टैनली ने टाटा कंज्यूमर पर ओवरवेट रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य 1305 रुपये प्रति शेयर तय किया है। उनका कहना है कि तीनों सेगमेंट्स में टॉपलाइन अनुमान से बेहतर रहे। भारत ब्रांडेड एफएंडबी बिजनेस के नेतृत्व में मार्जिन में मजबूत सुधार देखने को मिला। कंपनी के कारोबार की वृद्धि दर सालाना आधार पर 42% बढ़ी। भारत के ब्रांडेड व्यवसाय में उनकी हिस्सेदारी Q3FY23 में 13% के मुकाबले 17% हो गई।
सीएलएसए ने पावर ग्रिड पर आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य बढ़ाकर 285 रुपये प्रति शेयर तय किया है। उनका कहना है कि तीसरी तिमाही के नतीजों से यह पता चला है कि कंपनी ने बहुत बड़े बाजार में नई बोलियों में हिस्सेदारी हासिल की है। नई बोलियों में हिस्सेदारी हासिल करने से इसके TBCB रेवन्यू में 68% तक की बढ़ोतरी हुई। हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 24-26 के दौरान रेगुलेटेड और कम्पटीटिव (RAC) इक्विटी CAGR 4% तक पहुंच जाएगी।
मैक्वायरी ने ल्युपिन पर आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य 1530 रुपये प्रति शेयर तय किया है। उनका कहना है कि Q3 के नतीजे सभी लिहाज से अच्छे रहे। Q3 में रेवन्यू /EBITDA/PAT ने अनुमान से अच्छे रहे। उत्तरी अमेरिका का रेवन्यू तिमाही दर तिमाही आधार पर स्थिर रहा। उत्तरी अमेरिका का रेवन्यू कॉन्स्टैंट करेंसी में 20% बढ़कर 21.2 करोड़ डॉलर हो गया। इंडिया फॉर्म्युलेशन का रेवन्यू साल दर साल 13% बढ़ा। EMEA और RoW रेवन्यू में क्रमशः 36% और 26% की वृद्धि हुई। एपीआई बिजनेस का रेवन्यू साल-दर-साल स्थिर रहा।
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