Capital Market Stocks: ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कई कैपिटल मार्केट कंपनियों पर कवरेज शुरू की है। 23 जून को जारी इस रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि इक्विटी से कमजोर रिटर्न के बावजूद भारत में कैपिटल मार्केट अभी भी मूल रूप से एसआईपी में निवेश पर टिका हुआ है। ब्रोकरेज ने इस सेक्टर के शेयरों की अपनी पसंदीदा सूची तैयार की है जिसमें टॉप पर एंजेल वन और सीएएमएस हैं। इस लिस्ट में एंजेल वन (Angel One), कैम्स (CAMS), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी (ICICI Prudential AMC), निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी (Nippon Life India AMC), एचडीएफसी एएमसी (HDFC AMC), बीएसई (BSE), केफिन टेक (Kfin Tech), सीडीएसएल (CDSL) और एमसीएक्स (MCX) हैं।
जेपामॉर्गन ने अपने नोट में जिक्र किया है कि पॉलिसी और टैक्सेशन में बदलाव, इंडेक्सेशन के खत्म होने, इंश्योरेंस पॉलिसी से मिलने वाली रकम पर टैक्स और डेट म्यूचुअल फंड के लिए स्लैब-रेट टैक्स से इक्विटी में निवेश अधिक आकर्षक हो गया है। कैपिटल मार्केट स्टॉक्स को लेकर जेपीमॉर्गन का कहना है कि इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल से इनकी कमाई तय होगी। रिपोर्ट के मुताबिक बीएसई जैसे एक्सचेंज और सीडीएसएल जैसी डिपॉजिटरीज को मजबूत प्राइसिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज का फायदा मिलता है तो कम लागत वाले रिटेल ब्रोकर्स को बढ़ते कॉम्पटीशन के बीच बड़े पैमाने पर बिजनसे से फायदा मिलता है।
कैपिटल मार्केट स्टॉक्स के लिए अहम ट्रिगर्स
जेपीमॉर्गन को उम्मीद है कि मार्केट में लगातार अपना दबदबा बढ़ा रही और ऑपरेटिंग लेवरेज के जरिए मार्जिन सुधारने वाली कंपनियों को रिवार्ड मिलेगा। इसके अलावा डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर नियामकीय बदलाव इस सेक्टर के लिए आगे चलकर सबसे अहम फैक्टर बन सकते हैं।
अब रिस्क की बात करें तो जेपीमॉर्गन ने चार बातों का जिक्र किया है, जो इस सेक्टर के शेयरों पर दबाव डाल सकते हैं। एक अहम रिस्क तो एसआईपी में निवेश ₹25 हजार करोड़ से नीचे बना रहना, दूसरा रिस्क ऐसे नियामकीय बदलाव का है जिनसे ADPTV (औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर) में 20% तक की गिरावट आ सकती है। तीसरा अहम रिस्क वीकली एक्सपायरी के रद्द होने का है तो चौथा अहम रिस्क मार्केट में हाई वोलैटिलिटी के चलते फ्यूचर्स/प्रीमियम टर्नओवर का अनुमान से 15% से अधिक बढ़ जाना।
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