केंद्रीय वित्त मंत्री की मंजूरी के बाद सरकारी कंपनी चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CPCL) को 'नवरत्न' स्टेटस मिल गया है। इस मंजूरी के साथ यह कंपनी भारत में सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) में 28वीं नवरत्न कंपनी बन गई है। चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत काम करती है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 59,400 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर दर्ज किया।
भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के शीर्ष स्तर के उपक्रमों को नवरत्न का दर्जा देती है। इन कंपनियों को केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना 1,000 करोड़ रुपये तक का बड़ा निवेश करने की छूट होती है। ये कंपनियां एक साल में अपनी नेट वर्थ का 30 प्रतिशत तक निवेश कर सकती हैं, बशर्ते यह निवेश 1,000 करोड़ रुपये से कम हो।
नवरत्न कंपनियां जॉइंट वेंचर (संयुक्त उद्यम) बना सकती हैं, गठबंधन कर सकती हैं और विदेशों में सब्सिडियरी (सहायक कंपनियां) भी शुरू कर सकती हैं। किसी कंपनी को नवरत्न का दर्जा मिलने के लिए, उसके पास पहले से ही 'मिनीरत्न कैटेगरी I' का दर्जा होना चाहिए और उसे CPSEs की 'शेड्यूल A' सूची में शामिल होना चाहिए।
सोमवार को चढ़ सकता है Chennai Petroleum Corporation स्टॉक
सोमवार, 22 जून को चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। अभी BSE पर शेयर की कीमत 1,098.30 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 16300 करोड़ रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 30 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में कीमत 80 प्रतिशत उछली है।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) को भी नवरत्न का दर्जा मिला है। यह डिफेंस सेक्टर की इस सरकारी कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है। लिहाजा इसके शेयर में भी सोमवार को तेजी आ सकती है। कीमत अभी BSE पर 2797.30 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 32000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 22 प्रतिशत और 3 साल में लगभग 370 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।