रात में भी खुले रहेंगे अमेरिकी शेयर बाजार! दिसंबर से शुरू हो सकता है ओवरनाइट सेशन

अभी नैस्डैक और NYSE हफ्ते में 5 दिन सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे (ET) तक मुख्य सेशन ऑपरेट करते हैं। हफ्ते में 5 दिन, रोज 23 घंटे ट्रेडिंग के लागू हो सकने से इस बात पर बहस छिड़ गई है कि लंबे समय तक ट्रेडिंग का दुनिया भर के मार्केट पार्टिसिपेंट्स पर क्या असर पड़ेगा

अपडेटेड Oct 03, 2026 पर 9:14 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इस बदलाव का मकसद विदेशी निवेशकों से बढ़ती मांग को पूरा करना और क्रिप्टो व प्रेडिक्शन मार्केट से मुकाबला करना है।

अमेरिकी शेयर बाजारों में जल्द ही दिन के साथ-साथ रात में भी ट्रेडिंग हो सकेगी। जी हां, दिसंबर से इन्हें रात में भी खुले रखने का प्लान है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नैस्डेक, NYSE Arca, 24X नेशनल एक्सचेंज और Cboe EDGX ने न्यूयॉर्क में रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक एक 'ओवरनाइट सेशन' एड करने की योजना बनाई है। यह इनके मौजूदा रेगुलर ट्रेडिंग घंटों और प्री व पोस्ट-मार्केट पीरियड्स के अलावा होगा। 6 दिसंबर से शुरू होने वाले इस बदलाव का मकसद विदेशी निवेशकों से बढ़ती मांग को पूरा करना और क्रिप्टो व प्रेडिक्शन मार्केट से मुकाबला करना है।

अभी नैस्डैक और NYSE हफ्ते में 5 दिन सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे (ET) तक मुख्य सेशन ऑपरेट करते हैं। इन घंटों के अलावा, सीमित तरह की ट्रेडिंग के लिए 'बिफोर-आवर' और 'आफ्टर-आवर' सेशन भी होते हैं। बिफोर-आवर सेशन सुबह 4 बजे से शुरू हो जाता है। साथ ही शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक 'पोस्ट-मार्केट' सेशन भी होता है। दिसंबर से लागू हो सकने वाले बदलाव के बाद भी, एक्सचेंज में मेंटेनेंस और ट्रेड प्रोसेसिंग के लिए रात 8 बजे से 9 बजे तक एक घंटे का ब्रेक रहेगा।

एक साल में 358% बढ़ी ओवरनाइट ट्रेडिंग


वैसे तो ओवरनाइट ट्रेडिंग कई सालों से हो रही है, खासकर 'अल्टरनेटिव ट्रेडिंग सिस्टम्स' के जरिए, लेकिन कुल ट्रेडिंग में इसकी हिस्सेदारी बहुत कम रही है। पिछले हफ्ते सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की एक राउंडटेबल मीटिंग में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में इक्विटी ट्रेडिंग वॉल्यूम में ओवरनाइट ट्रेडिंग की हिस्सेदारी सिर्फ 1% की थी। दिन के समय होने वाली ट्रेडिंग के मुकाबले यह बहुत कम है, लेकिन ओवरनाइट ट्रेडिंग तेजी से बढ़ रही है और एक साल पहले के मुकाबले इसमें 358% की बढ़ोतरी हुई है।

23/5 ट्रेडिंग (हफ्ते में 5 दिन, रोज 23 घंटे ट्रेडिंग) के लागू हो सकने से इस बात पर बहस छिड़ गई है कि लंबे समय तक ट्रेडिंग का दुनिया भर के मार्केट पार्टिसिपेंट्स पर क्या असर पड़ेगा। इसके सपोर्टर्स का कहना है कि इस विस्तार से टाइम-जोन की बाधाएं खत्म होंगी और विदेशी ट्रेडर्स को अमेरिकी बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। वहीं, आलोचकों का मानना ​​है कि कम लिक्विडिटी और ज्यादा 'बिड-आस्क स्प्रेड्स' (खरीद और बिक्री की कीमतों में अंतर) से ट्रेडिंग जोखिम बढ़ सकते हैं।

LG Electronics India Share Price: आगे 21% तक की दिख सकती है तेजी, ब्रोकरेज ने दी 'बाय' रेटिंग

मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स ने शुरू कर दी तैयारी

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर के मुख्य प्रोवाइडर भी इस बदलाव के लिए तैयारी कर रहे हैं। US स्टॉक ट्रेड्स की क्लियरिंग के लिए जिम्मेदार मुख्य कंपनी 'डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉर्प.' ने जून में 24x5 मॉडल अपनाया, जो रविवार को न्यूयॉर्क समय के अनुसार रात 8 बजे से शुक्रवार को न्यूयॉर्क समय के अनुसार रात 8 बजे तक चलता है। सिक्योरिटीज इनफॉर्मेशन प्रोसेसर्स (SIPs), जो कोट्स और ट्रेड डेटा इकट्ठा और डिस्ट्रीब्यूट करते हैं, उन्हें भी ओवरनाइट ट्रेडिंग को सपोर्ट करने के लिए अपने ऑपरेटिंग आवर्स बढ़ाने की रेगुलेटरी मंजूरी मिल गई है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।